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छत्रपति संभाजीनगर में तेल्या रोग के कहर से परेशान किसान ने 400 अनार के पेड़ों पर चलाया जेसीबी
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठन तालुका स्थित गेवराई मर्दा गांव में भारी आर्थिक नुकसान और भयंकर 'तेल्या' (जीवाणुजन्य करपा) बीमारी के प्रकोप के कारण बेबस होकर किसान ज्ञानदेव सांगले ने अपने 400 अनार के फलदार पेड़ों पर जेसीबी मशीन चलाकर पूरी बाग उखाड़ दी।
Kalpana Gautam27 जुल. 2026, 04:43 PM IST

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठन तालुका स्थित गेवराई मर्दा गांव में भारी आर्थिक नुकसान और भयंकर 'तेल्या' (जीवाणुजन्य करपा) बीमारी के प्रकोप के कारण बेबस होकर किसान ज्ञानदेव सांगले ने अपने 400 अनार के फलदार पेड़ों पर जेसीबी मशीन चलाकर पूरी बाग उखाड़ दी।
यह हृदयविदारक घटना मराठवाड़ा क्षेत्र में लगातार फैल रही फसलों की बीमारियों और किसानों पर मंडराते गंभीर आर्थिक संकट को उजागर करती है। कई महीनों की हाड़-तोड़ मेहनत और लाखों रुपये की दवाइयों का छिड़काव करने के बाद भी जब रोग पर काबू नहीं पाया जा सका, तो फल खराब होने और बाजार में कौड़ियों के भाव बिकने की हताशा में किसान को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। पैठन तालुका में अनार की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, लेकिन हाल के दिनों में जीवाणुजन्य बीमारी 'तेल्या' (बैक्टिरियल ब्लाइट) का प्रकोप काफी बढ़ गया है। गेवराई मर्दा के किसान ज्ञानदेव सांगले ने अपने खेत में सालों की मेहनत से अनार का बगीचा तैयार किया था। जब फल पूरी तरह पककर बिक्री के लिए तैयार थे, उसी समय अचानक नमी और मौसम के बदलाव के कारण तेल्या रोग ने पूरी बाग को अपनी चपेट में ले लिया।
इस बीमारी के कारण अनार के फलों और टहनियों पर काले तेलीय धब्बे बनने लगे और फल बीच से फटने लगे। किसान ने कीटनाशकों और उर्वरकों पर भारी पूंजी खर्च की, लेकिन संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा था। व्यापारियों ने भी बीमारी से प्रभावित अनार खरीदने से साफ इंकार कर दिया। बागीचे के रख-रखाव का बढ़ता खर्च और कोई आवक न होने के कारण निराश किसान ने आखिरकार जेसीबी बुलाकर अपनी ही मेहनत से खड़े किए गए पेड़ों को जमींदोज कर दिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बेबस किसान ज्ञानदेव सांगले ने कहा कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जब बीमारी नियंत्रित नहीं हुई और पूरी फसल बर्बाद हो गई, तो मेरे पास इन पेड़ों को उखाड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, 'जैंथोमोनास' नामक जीवाणु से फैलने वाला तेल्या रोग अत्यधिक नमी वाले वातावरण में तेजी से फैलता है। क्षेत्र के अन्य डांर और अनार उत्पादक किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि तत्काल घटनास्थल का पंचनामा कर प्रभावित किसान को शत-प्रतिशत फसल बीमा एवं विशेष आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
