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कातिल बने ग्रामीण हाईवे के 'फाटे', नाशिक में पिकअप की टक्कर से नवदंपति की मौत के बाद उठे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

नाशिक के कळवण में पिळकोस फाटे पर रविवार सुबह एक तेज रफ्तार पिकअप और बाइक की सीधी भिड़ंत में शिक्षिका और उनके पति की दर्दनाक मौत हो गई। शादी के महज दो महीने बाद हुए इस हादसे ने ग्रामीण राज्य राजमार्गों (State Highways) पर स्पीड ब्रेकर, जंक्शन सुरक्षा और यातायात नियंत्रण की पोल खोलकर रख दी है।

Kalpana Gautam27 जुल. 2026, 04:43 PM IST
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कातिल बने ग्रामीण हाईवे के 'फाटे', नाशिक में पिकअप की टक्कर से नवदंपति की मौत के बाद उठे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
नाशिक जिले की कळवण तहसील स्थित पिळकोस फाटे पर रविवार सुबह करीब 8:15 बजे एक मैक्सिमो पिकअप वाहन और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में नवविवाहित पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब तीनों बाइक से रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने नवापुर के प्रतापपुर जा रहे थे। यह दुखद घटना केवल एक सड़क दुर्घटना भर नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों और राज्य राजमार्गों के उन 'ब्लैक स्पॉट्स' और चौराहों (फाटों) की जमीनी हकीकत बयां करती है, जहाँ बिना किसी स्पीड ब्रेकर, संकेत बोर्ड या ट्रैफिक सिग्नल के वाहन अंधाधुंध गति से गुजरते हैं। जल संसाधन विभाग के कर्मचारी दिनेश गावित और शिक्षिका कीर्ति गावित का दो महीने पुराना सुखी संसार पल भर में उजड़ गया, जिससे एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि ग्रामीण हाईवे के फाटों को हादसों का अड्डा बनने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी (PWD) कब कड़े कदम उठाएंगे?  

मृतकों की पहचान दिनेश करणसिंह गावित और उनकी पत्नी कीर्ति दिनेश गावित के रूप में हुई है। कीर्ति अभोणा के जनता विद्यालय में बतौर शिक्षिका सेवारत थीं और दिनेश जल संसाधन विभाग में कार्यरत थे। मई 2026 में ही दोनों की शादी हुई थी। रविवार सुबह दिनेश अपनी पत्नी कीर्ति और साली तृषा गावित के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी खामखेड़ा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार मैक्सिमो पिकअप वाहन ने पिळकोस फाटे के पास उनकी बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर जा गिरे। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को कळवण उप-जिला अस्पताल पहुँचाया। हालत अत्यधिक नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें नाशिक जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान दिनेश और कीर्ति दोनों ने दम तोड़ दिया। तृषा की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिळकोस फाटा और आसपास का क्षेत्र वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले इन ग्रामीण फाटों पर न तो गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं और न ही वाहनों की आवाजाही की चेतावनी देने वाले साइनबोर्ड लगाए गए हैं।

मामले की जांच कर रहे कळवण पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया:
"रविवार सुबह पिळकोस फाटे पर पिकअप और दुपहिया वाहन में सीधी टक्कर हुई। हादसे में दो लोगों की अस्पताल में मौत दर्ज की गई है। पुलिस नाईक रामदास गवली और सिपाही नितिन वाघमारे की टीम घटना की विस्तृत छानबीन कर रही है और संबंधित वाहन चालक के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। — खगेंद्र तेंभेकर, पुलिस निरीक्षक (कळवण पुलिस स्टेशन)  
घटना पर शोक व्यक्त करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मांग की है:
"यह क्षेत्र लगातार हादसों का गवाह बन रहा है। अगर प्रशासन ने समय रहते इस फाटे पर गति रोधक (Speed Breaker) और उचित चेतावनी बोर्ड लगाए होते, तो इस नवदंपति की जान बचाई जा सकती थी। हम लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग करते हैं कि इस मार्ग के सभी खतरनाक फाटों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।"