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"मौत के बाद 'नॉमिनी' का खेल! SECL कर्मचारी की ग्रेच्युटी-CMPF और बीमा राशि में कथित फर्जीवाड़ा, दूसरी पत्नी और बेटे पर FIR"

कोरबा में स्वर्गीय एसईसीएल कर्मचारी नवरतन सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पहली पत्नी के नाम दर्ज नॉमिनी और पारिवारिक अभिलेखों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ और बीमा राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया है। उनकी बेटी चेतना सिंह की शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा के आदेश के बाद पुलिस ने उनकी मां पुष्पा सिंह और भाई कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुष्पा सिंह ने पहली पत्नी टिकैतीन बाई के नाम से कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर एसईसीएल और एलआईसी से संबंधित राशि प्राप्त की।

Kashish Rai27 जुल. 2026, 07:01 PM IST
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"मौत के बाद 'नॉमिनी' का खेल! SECL कर्मचारी की ग्रेच्युटी-CMPF और बीमा राशि में कथित फर्जीवाड़ा, दूसरी पत्नी और बेटे पर FIR"

कोरबा में एसईसीएल कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनकी ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ और बीमा राशि से जुड़े दस्तावेजों में कथित कूटरचना कर राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया है। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा सत्यानंद प्रसाद के आदेश के आधार पर परिवादिनी चेतना सिंह की रिपोर्ट पर मानिकपुर चौकी, थाना कोतवाली पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। परिवादिनी चेतना सिंह के अनुसार, उनके पिता नवरतन सिंह एसईसीएल के कुसमुंडा क्षेत्र में डंपर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु 17 नवंबर 2022 को हुई थी। शिकायत में बताया गया है कि नवरतन सिंह का विवाह टिकैतीन बाई से हुआ था और उनके सेवा अभिलेखों में टिकैतीन बाई का नाम पत्नी, पारिवारिक सदस्य और नॉमिनी के रूप में दर्ज था। आरोप है कि नवरतन सिंह ने अपने जीवनकाल में सेवा अभिलेखों और बीमा पॉलिसियों से टिकैतीन बाई का नाम कभी नहीं हटाया था और दोनों के बीच विधिवत विवाह विच्छेद भी नहीं हुआ था।


शिकायत के मुताबिक, टिकैतीन बाई के अलग रहने के बाद नवरतन सिंह ने पुष्पा सिंह से विवाह किया। इस विवाह से चेतना सिंह सहित तीन संतानें हुईं। नवरतन सिंह की मृत्यु के बाद कथित तौर पर पुष्पा सिंह और उनके बेटे कुलदीप सिंह ने टिकैतीन बाई के नाम से दस्तावेज तैयार कर एसईसीएल से मिलने वाली ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ और अन्य मदों की राशि प्राप्त की। परिवादिनी ने यह भी आरोप लगाया है कि नवरतन सिंह की विभिन्न बीमा पॉलिसियों में टिकैतीन बाई का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज था। आरोप के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पुष्पा सिंह ने कथित तौर पर टिकैतीन बाई के नाम से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भारतीय जीवन बीमा निगम से संबंधित राशि भी प्राप्त की।


शिकायत में दस्तावेजों की पहचान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवादिनी के अनुसार, टिकैतीन बाई और पुष्पा सिंह के मतदाता सूची में अलग-अलग पहचान क्रमांक दर्ज हैं। इसके बावजूद आरोप है कि पुष्पा सिंह ने अपने नाम के साथ-साथ टिकैतीन बाई के नाम से भी कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल अलग-अलग कार्यों में किया गया। परिवादिनी का आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के जरिए एसईसीएल और बीमा से संबंधित राशि प्राप्त की गई। चेतना सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी मां पुष्पा सिंह को कथित रूप से किए जा रहे इस कृत्य से रोकने का प्रयास किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुष्पा सिंह ने एसईसीएल और भारतीय जीवन बीमा निगम में टिकैतीन बाई और स्वयं को एक ही महिला बताते हुए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर चेतना सिंह ने न्यायालय का रुख किया।


मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा पारित आदेश के बाद पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ 120-बी, 463, 464, 467, 470 और 471 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। अब पुलिसकथित दस्तावेजों, हस्ताक्षरों, नॉमिनी रिकॉर्ड, एसईसीएल और बीमा संबंधी अभिलेखों तथा राशि के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। यह मामला न्यायालय के समक्ष लगाए गए आरोपों और दर्ज एफआईआर पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।