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FSSAI का बड़ा फैसला: 'Energy Drink' लेबल पर सख्ती, कंपनियों को 90 दिन में बदलनी होगी पैकेजिंग

FSSAI ने उन पेय पदार्थों पर "Energy Drink" लेबल के उपयोग पर सख्ती दिखाई है जो निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं हैं। कंपनियों को लेबल, पैकेजिंग और मार्केटिंग सामग्री में बदलाव के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों से बचाना और खाद्य लेबलिंग में पारदर्शिता लाना है।

Neha Sharma27 जुल. 2026, 07:09 PM IST
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FSSAI का बड़ा फैसला: 'Energy Drink' लेबल पर सख्ती, कंपनियों को 90 दिन में बदलनी होगी पैकेजिंग
नई दिल्ली :देश में खाद्य एवं पेय पदार्थों की लेबलिंग को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितों के अनुरूप बनाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण ने उन कंपनियों को निर्देश दिया है जो ऐसे पेय पदार्थों को "Energy Drink" के नाम से बेच रही हैं, जबकि उनके लिए निर्धारित खाद्य मानक मौजूद नहीं हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उत्पादों की लेबलिंग नियमों के अनुरूप होनी चाहिए और कंपनियों को आवश्यक बदलाव करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है।

क्या है FSSAI का नया निर्देश?
FSSAI के अनुसार, बाजार में कई पेय पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें "Energy Drink" के रूप में प्रचारित और बेचा जा रहा है, जबकि वे निर्धारित खाद्य श्रेणी और मानकों के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे उत्पाद उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं। इसलिए प्राधिकरण ने निर्देश दिया है कि जिन उत्पादों के लिए यह श्रेणी लागू नहीं होती, वे अपने लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में "Energy Drink" शब्द का उपयोग नहीं करेंगे।

कंपनियों को मिला 90 दिनों का समय
FSSAI ने संबंधित कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग, लेबल और मार्केटिंग सामग्री में आवश्यक बदलाव करने के लिए 90 दिन की समयसीमा दी है। इस अवधि के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खाद्य या पेय उत्पाद की सही जानकारी उपभोक्ता तक पहुंचना जरूरी है। यदि किसी उत्पाद पर भ्रामक या गलत दावा किया जाता है, तो उपभोक्ता खरीदारी के समय गलत निर्णय ले सकता है। FSSAI का यह कदम लेबलिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले के बाद कई कंपनियों को—
  • अपने उत्पादों के लेबल बदलने होंगे।
  • पैकेजिंग और विज्ञापन सामग्री में संशोधन करना होगा।
  • FSSAI के खाद्य मानकों के अनुरूप उत्पादों की श्रेणी स्पष्ट करनी होगी।
  • भविष्य में भ्रामक दावों से बचना होगा।
खाद्य सुरक्षा पर FSSAI की बढ़ती सख्ती
पिछले कुछ समय से FSSAI खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, गलत लेबलिंग और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इससे पहले भी प्राधिकरण कई कंपनियों को नियमों का पालन करने के निर्देश दे चुका है। यह नया फैसला भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

क्या होगा आगे?
अब कंपनियों को तय समय के भीतर अपने उत्पादों की लेबलिंग में बदलाव करना होगा। यदि कोई कंपनी निर्धारित अवधि के बाद भी नियमों का पालन नहीं करती है, तो FSSAI खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है।

FSSAI का यह फैसला खाद्य एवं पेय उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को उत्पादों के बारे में अधिक स्पष्ट और सही जानकारी मिलेगी, वहीं कंपनियों को भी अपने दावों और लेबलिंग को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना होगा।