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अगले 48 घंटे बेहद अहम: IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी

देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

Vindhya Dubey27 जुल. 2026, 07:19 PM IST
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अगले 48 घंटे बेहद अहम: IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी

IMD के मुताबिक, सक्रिय मानसून और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव के कारण पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र के कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और घाट क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। गुजरात के दक्षिणी और मध्य जिलों में भी तेज बारिश का अनुमान है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज होने की आशंका जताई गई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।


मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी क्षेत्रों में यातायात बाधित होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।


IMD ने बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, जलाशयों के आसपास या पेड़ों के नीचे रुकना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों से अपील की गई है कि गरज-चमक के दौरान सुरक्षित इमारतों के भीतर रहें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। किसानों को भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और बिजली चमकने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के चलते कमजोर मकानों, अस्थायी ढांचों, बिजली के खंभों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने और वाहनों को पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे पार्क न करने की सलाह दी है।


समुद्री क्षेत्रों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र के उग्र रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय राज्यों के प्रशासन को भी सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों और राज्य सरकारों ने भी संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। कई जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और राहत एवं बचाव टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की हेल्पलाइन का उपयोग करें।


मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।