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भारत की अनाहत सिंह ने जीता विश्व जूनियर स्क्वैश खिताब, रचा नया इतिहास
18 वर्षीय भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में मिस्र की रुकय्या सालेम को हराकर यह उपलब्धि हासिल की और विश्व जूनियर स्क्वैश खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
Neha Sharma29 जुल. 2026, 02:07 PM IST

नई दिल्ली :भारतीय स्क्वैश के लिए 27 जुलाई का दिन ऐतिहासिक बन गया। भारत की 18 वर्षीय स्टार खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत के साथ उन्होंने वर्षों से महिला जूनियर स्क्वैश में मिस्र (Egypt) के दबदबे को भी समाप्त कर दिया।
फाइनल में शानदार प्रदर्शन
कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक (Ontario) में खेले गए फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत सिंह ने मिस्र की रुकय्या सालेम (Ruqayya Salem) को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में अनाहत ने शानदार खेल दिखाया और दबाव के बावजूद आत्मविश्वास बनाए रखा।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
यह जीत भारतीय स्क्वैश इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब जीता है। इस जीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय स्क्वैश की नई पहचान बनाई है।
मिस्र का दबदबा टूटा
महिला जूनियर स्क्वैश में पिछले कई वर्षों से मिस्र का दबदबा रहा है। अनाहत सिंह की इस जीत ने उस लंबे वर्चस्व को खत्म कर दिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकती है।
कौन हैं अनाहत सिंह?
दिल्ली की रहने वाली अनाहत सिंह कम उम्र में ही भारतीय स्क्वैश की सबसे बड़ी प्रतिभाओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने पहले भी एशियाई खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अब विश्व जूनियर खिताब जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
अनाहत सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई खेल हस्तियों और खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी। उनकी जीत को भारत के खेल इतिहास के लिए गर्व का क्षण बताया गया।
भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि अनाहत सिंह की यह सफलता भारत में स्क्वैश को नई पहचान दिलाएगी। उनकी उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को इस खेल की ओर आकर्षित करेगी और भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भारत की पदक उम्मीदों को भी मजबूत करेगी।
अनाहत सिंह की विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारत को विश्व स्क्वैश में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जगाएगी।
