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भारत को खेल महाशक्ति बनाने की तैयारी, सरकार ने तय किया 2047 का बड़ा लक्ष्य

केंद्र सरकार ने भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार का उद्देश्य 2036 तक भारत को दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में और 2047 तक शीर्ष 5 में शामिल करना है। इसके लिए खेल अवसंरचना, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जाएगा।

Neha Sharma29 जुल. 2026, 02:08 PM IST
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भारत को खेल महाशक्ति बनाने की तैयारी, सरकार ने तय किया 2047 का बड़ा लक्ष्य
नई दिल्ली :भारत सरकार ने देश को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 2036 तक भारत को दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में और 2047 तक शीर्ष 5 खेल देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विजन केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में खेल संस्कृति, आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के समग्र विकास को भी बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

क्या है सरकार का स्पोर्ट्स विजन?
सरकार का उद्देश्य भारत में खेलों को जमीनी स्तर से मजबूत करना है, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों में करियर बना सकें और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। इस विजन के तहत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक कोचिंग और उच्च स्तरीय खेल अवसंरचना उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को सही संसाधन और अवसर मिलें, तो भारत ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
सरकार की खेल नीति में कई प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है—
  • देशभर में आधुनिक खेल स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्रों का विकास।
  • ग्रामीण और छोटे शहरों से प्रतिभाओं की पहचान।
  • खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग और स्पोर्ट्स साइंस की सुविधाएं।
  • महिला खिलाड़ियों और पैरा एथलीटों को अधिक अवसर।
  • स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा।
  • खेल संघों और प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार।

2036 ओलंपिक की तैयारी
सरकार का यह विजन भारत की 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा से भी जुड़ा माना जा रहा है। यदि भारत को ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो इससे खेल अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी बड़ा लाभ मिल सकता है।

खिलाड़ियों को क्या होगा फायदा?
इस योजना के लागू होने से—
  • युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन मिलेंगे।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
  • खेलों में रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा होंगे।
  • भारत की वैश्विक खेल रैंकिंग में सुधार हो सकता है।

विशेषज्ञों की राय
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि खेलों में लगातार निवेश, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और दीर्घकालिक योजना पर प्रभावी ढंग से काम किया जाए, तो देश आने वाले वर्षों में विश्व खेल जगत की अग्रणी ताकतों में शामिल हो सकता है।

भारत सरकार का यह दीर्घकालिक स्पोर्ट्स विजन देश में खेलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष 5 खेल देशों में शामिल होने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के निरंतर विकास से इसे हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है.