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राम कपूर का बड़ा खुलासा, पिता के निधन से जुड़ी बात बताकर हुए भावुक
अभिनेता राम कपूर ने रियलिटी शो 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa' में खुलासा किया कि उन्होंने कैंसर से जूझ रहे अपने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके आखिरी दिनों में हर कदम पर उनका साथ दिया। इस फैसले के कारण उनकी मां और बहन से रिश्तों में दूरी आ गई। राम के इस भावुक बयान ने जीवन के अंतिम फैसलों, मरीज की गरिमा और परिवार की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है।
Vindhya Dubey29 जुल. 2026, 02:08 PM IST

राम कपूर का बड़ा खुलासा: "मैंने अपने पिता की मौत की योजना बनाने में उनका साथ दिया", भावुक कहानी ने छेड़ी जीवन, गरिमा और अंतिम फैसलों पर बहस
लोकप्रिय अभिनेता राम कपूर ने रियलिटी शो 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa' में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा खुलासा किया जिसने दर्शकों और शो में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। राम कपूर ने बताया कि उन्होंने अपने पिता के जीवन के अंतिम दिनों में उनका साथ दिया और उनकी अंतिम इच्छा पूरी करने में मदद की। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर जीवन के अंतिम चरण, मरीज की इच्छा, परिवार की भूमिका और गरिमापूर्ण मृत्यु जैसे संवेदनशील विषयों पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
क्या कहा राम कपूर ने?
राम कपूर ने बताया कि उनके पिता को 63 वर्ष की उम्र में पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्न्याशय का कैंसर) हुआ था। शुरुआती इलाज और लगभग 18 कीमोथेरेपी सत्रों के बाद उनकी हालत में काफी सुधार हुआ और उन्होंने लगभग 10 साल तक सामान्य जीवन जिया। लेकिन 73 वर्ष की उम्र में कैंसर दोबारा लौट आया। डॉक्टरों ने फिर से इलाज की कोशिश करने की बात कही, लेकिन उनके पिता ने फैसला कर लिया कि वह दोबारा कैंसर से लंबी लड़ाई नहीं लड़ना चाहते।
राम कपूर के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान उनके पिता ने उन्हें फोन कर कहा कि वह अकेले इस दौर से नहीं गुजरना चाहते और चाहते हैं कि राम उनके साथ रहें। उन्होंने राम से वादा लिया कि वह किसी को यह बात नहीं बताएंगे और उनके अंतिम समय तक उनका हाथ थामे रहेंगे। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने अपने पिता की इच्छा का सम्मान किया और अंत तक उनके साथ रहे।
परिवार में आज भी है दूरी
राम कपूर ने यह भी बताया कि इस फैसले के बाद उनकी मां और बहन पिछले पांच वर्षों से उनसे बात नहीं करती हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके इस निर्णय से सहमत नहीं था। हालांकि, राम का मानना है कि उन्होंने अपने पिता की इच्छा और सम्मान का साथ दिया और आज भी उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
राम कपूर के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे एक बेटे का साहसिक और भावनात्मक फैसला बताया, जबकि कुछ लोगों ने इस विषय की नैतिक और कानूनी जटिलताओं पर सवाल उठाए। दर्शकों ने शो के इस एपिसोड को सबसे भावुक एपिसोड्स में से एक बताया।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि गंभीर बीमारियों से लड़ाई केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें भावनाएं, परिवार, मानसिक स्वास्थ्य, गरिमा और जीवन के अंतिम फैसलों से जुड़े कई कठिन प्रश्न भी शामिल होते हैं।
