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उल्हासनगर में आधी रात बड़ा हादसा टला! पांच मंजिला साई सृष्टि इमारत का पिछला हिस्सा ढहा

उल्हासनगर कैंप-3 स्थित रेलवे स्टेशन रोड पर बनी पांच मंजिला साई सृष्टि इमारत का पिछला हिस्सा और स्लैब सोमवार देर रात अचानक ढह गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और महानगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षित कर दिया। इस घटना के बाद शहर की जर्जर और खतरनाक इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

Priyanka Gaikwad29 जुल. 2026, 02:09 PM IST
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उल्हासनगर में आधी रात बड़ा हादसा टला! पांच मंजिला साई सृष्टि इमारत का पिछला हिस्सा ढहा
उल्हासनगर में सोमवार रात करीब 11 बजे एक बड़ा हादसा टल गया। कैंप-3 स्थित छत्रपति शिवाजी चौक, रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित पांच मंजिला साई सृष्टि आवासीय इमारत का पिछला हिस्सा और स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही उल्हासनगर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग, स्थानीय पुलिस और नगर निगम के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। साथ ही इमारत के शेष हिस्से की स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और इमारत के दोनों ओर की सड़कें अस्थायी रूप से यातायात के लिए बंद कर दी गईं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई।

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अग्निशमन अधिकारी एस. पी. बॉम्बे ने बताया कि इमारत के पिछले हिस्से का स्लैब और संरचना का एक बड़ा भाग ढह गया है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। दमकल कर्मियों ने मलबे की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि उसके नीचे कोई व्यक्ति फंसा नहीं है। इसके बाद महानगरपालिका के अधिकारियों ने इमारत की प्रारंभिक तकनीकी जांच शुरू की। हादसे के बाद इमारत में रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अगले आदेश तक इमारत से दूर रहने की सलाह दी गई है। महानगरपालिका द्वारा इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, जिसके बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इमारत रहने के लिए सुरक्षित है या नहीं।

इस घटना ने एक बार फिर उल्हासनगर की पुरानी और जर्जर इमारतों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच ऐसी इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन सभी खतरनाक इमारतों का तत्काल सर्वे कराए, उनका स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें खाली कराकर उचित कार्रवाई करे। हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इसे प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।