international

शांति की उम्मीदों के बीच बढ़ी जंग की आंच, पूर्वी यूक्रेन में हमलों से मौत और तबाही का सिलसिला जारी

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्वी यूक्रेन के कई इलाकों में हुए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई नागरिकों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। डोनेट्स्क, खारकीव और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिहायशी इलाकों, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को हुए नुकसान के बाद मानवीय संकट और गहरा गया है।

Neha Sharma29 जुल. 2026, 02:09 PM IST
खबर शेयर करें:
शांति की उम्मीदों के बीच बढ़ी जंग की आंच, पूर्वी यूक्रेन में हमलों से मौत और तबाही का सिलसिला जारी

कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। पूर्वी यूक्रेन के कई शहरों में हुए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हमलों में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में नागरिकों के घायल होने की खबर सामने आई है। युद्ध के इस चरण में पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क, खारकीव और आसपास के इलाके लगातार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बने हुए हैं। रूसी हमलों में रिहायशी इमारतों, सार्वजनिक स्थानों और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे रहे। वहीं रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाकर किए जाते हैं।


खारकीव और अन्य पूर्वी शहर बने युद्ध का केंद्र

पूर्वी यूक्रेन लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का मुख्य मोर्चा बना हुआ है। खारकीव जैसे शहर, जो रूस की सीमा के करीब हैं, लगातार हवाई हमलों और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं। हालिया हमलों में खारकीव में ड्रोन हमले के कारण लोगों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा ज़ापोरिज्जिया और अन्य इलाकों में भी हमलों ने नागरिक जीवन को प्रभावित किया। युद्ध के कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार डर के माहौल में जीवन बिताना पड़ रहा है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर चुके हैं, जबकि बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।


ड्रोन और मिसाइल हमलों का बढ़ता इस्तेमाल

रूस और यूक्रेन दोनों ने युद्ध में ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे लंबी दूरी के मिसाइल सिस्टम और ड्रोन यूक्रेन के शहरों को निशाना बना रहे हैं, जबकि यूक्रेन भी रूसी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन हमले कर रहा है। हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें राजधानी कीव समेत कई क्षेत्र प्रभावित हुए। यूक्रेनी वायुसेना ने बताया कि बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि ऊर्जा संयंत्रों, परिवहन व्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को प्रभावित करना भी माना जा रहा है।


नागरिकों की मौत पर अंतरराष्ट्रीय चिंता

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने युद्ध में बढ़ती नागरिक मौतों पर चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में यूक्रेन और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों के हताहत होने की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में किए गए हमलों का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। अस्पतालों, स्कूलों और आवासीय इलाकों की सुरक्षा युद्ध के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।


रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

ताजा हमलों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। यूक्रेन ने रूस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहा है। वहीं रूस ने यूक्रेन पर रूसी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है। दोनों देश नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते रहे हैं।


शांति वार्ता की कोशिशों के बीच बढ़ती हिंसा

युद्ध रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बातचीत की कोशिशें होती रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर संघर्ष कम होता नजर नहीं आ रहा है। हाल के हमलों ने यह संकेत दिया है कि दोनों पक्ष अभी भी सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों की भूमिका भी इस संघर्ष में महत्वपूर्ण बनी हुई है। पश्चिमी देश यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता दे रहे हैं, जबकि रूस अपने सैन्य अभियानों को जारी रखने की बात कह रहा है।


युद्ध का आम लोगों पर असर

फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब आधुनिक समय के सबसे लंबे और विनाशकारी संघर्षों में शामिल हो चुका है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और बड़ी संख्या में नागरिकों की जान जा चुकी है।

  • हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं
  • बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है
  • बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है
  • आर्थिक गतिविधियां बाधित हुई हैं

पूर्वी यूक्रेन के नागरिकों के लिए हर नया हमला केवल एक सैन्य घटना नहीं बल्कि जीवन, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा संकट बन गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में जारी ताजा हमले यह दिखाते हैं कि संघर्ष अभी खत्म होने से काफी दूर है। सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के बीच सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती युद्ध को रोकने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।