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सोशल मीडिया पर शिकायतों का असर: डोंबिवली में गैस डिलीवरी में सुधार, एजेंसी ने लिया संज्ञान

डोंबिवली में भारत गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में कथित देरी को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आया। लगभग 15 दिनों तक सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतों के बाद गैस एजेंसी ने प्रभावित ग्राहकों के घर पहुंचकर लंबित सिलेंडरों की डिलीवरी शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित पेट्रोलियम कंपनी ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगते हुए जांच शुरू कर दी है।

Priyanka Gaikwad29 जुल. 2026, 02:09 PM IST
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सोशल मीडिया पर शिकायतों का असर: डोंबिवली में गैस डिलीवरी में सुधार, एजेंसी ने लिया संज्ञान
डोंबिवली शहर में भारत गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कथित देरी को लेकर पिछले कई दिनों से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही थी। कई उपभोक्ताओं का आरोप था कि ऑनलाइन और फोन के माध्यम से समय पर गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें करीब 15 दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिली। इससे घरेलू कामकाज प्रभावित हुआ और कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा।लगातार शिकायतों के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कुछ उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो गए, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे की चर्चा तेज हो गई। कई लोगों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा करते हुए डिलीवरी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

मामला मीडिया तक पहुंचने के बाद गैस एजेंसी प्रशासन हरकत में आया। एजेंसी के मालिक और कर्मचारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया तथा जिन ग्राहकों की डिलीवरी लंबित थी, उनके घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम शुरू किया। कई उपभोक्ताओं को एक ही दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया गया, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।एजेंसी की ओर से ग्राहकों को आश्वस्त किया गया कि डिलीवरी व्यवस्था में आई दिक्कतों को दूर किया जा रहा है और भविष्य में इस प्रकार की परेशानी दोबारा नहीं होने दी जाएगी। एजेंसी ने यह भी भरोसा दिलाया कि समय पर बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पेट्रोलियम कंपनी ने भी गैस एजेंसी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। मीडिया में प्रकाशित खबरों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर एजेंसी की कार्यप्रणाली, डिलीवरी सिस्टम, बुकिंग प्रक्रिया और वितरण व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजू नलावड़े ने बताया कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने उनसे संपर्क कर गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाया। कुछ नगरसेवकों और राजनीतिक पदाधिकारियों ने भी गैस एजेंसी से संपर्क कर तत्काल समाधान की मांग की, जिसके बाद एजेंसी ने तेजी से डिलीवरी का काम शुरू किया।

कई उपभोक्ताओं ने बताया कि घरेलू रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में लगातार देरी होने से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो जाता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी परिवारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से डिलीवरी में देरी होती है तो इसकी जानकारी समय रहते उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए, ताकि वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखी जाए और डिलीवरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रभावी ढंग से लागू हो, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

फिलहाल एजेंसी द्वारा लंबित सिलेंडरों की डिलीवरी शुरू होने से प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब सभी की नजर पेट्रोलियम कंपनी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि इस मामले से सबक लेते हुए भविष्य में गैस वितरण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं के लिए इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।