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आंध्र प्रदेश में फिर बढ़ने लगे कोविड-19 के मामले, 10 नए संक्रमित मिले; स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 10 नए मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण हैं, जबकि संक्रमण के स्वरूप की जांच के लिए कुछ नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील की है।

Vindhya Dubey29 जुल. 2026, 02:10 PM IST
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आंध्र प्रदेश में फिर बढ़ने लगे कोविड-19 के मामले, 10 नए संक्रमित मिले; स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में एक बार फिर हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 10 नए कोविड-19 मरीज सामने आए हैं, जिससे राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक दर्ज चार मौतों के बाद कोई नई मृत्यु नहीं हुई है और अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण पाए गए हैं। सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।


किन जिलों में मिले नए मामले?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए मामलों में सबसे अधिक तीन मरीज गुंटूर जिले से मिले हैं। इसके अलावा एनटीआर जिले से दो तथा अल्लूरी सीताराम राजू, एलुरु, कृष्णा, तिरुपति और विशाखापट्टनम से एक-एक नया मामला सामने आया है। वर्तमान में कुछ मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, जबकि कई संक्रमित डॉक्टरों की निगरानी में घर पर ही आइसोलेशन में हैं।


क्या किसी नए वैरिएंट की आशंका है?

हाल के दिनों में राज्य में अलग-अलग जिलों से कोविड संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने वायरस के स्वरूप की जांच के लिए कुछ नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे हैं। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि संक्रमण किसी नए वैरिएंट से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल अधिकारियों ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन निगरानी जारी रखी जाएगी।


कोविड-19 क्या है?

कोविड-19, SARS-CoV-2 वायरस से होने वाला संक्रामक श्वसन रोग है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, थकान, शरीर दर्द और कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। अधिकांश लोगों में संक्रमण हल्का रहता है, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि वर्तमान में मामलों की संख्या बहुत अधिक नहीं है, लेकिन यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि कोविड-19 पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छोटे-छोटे संक्रमण समूह समय रहते नहीं रोके गए तो वे आगे चलकर बड़े प्रकोप का रूप ले सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी, जांच और जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर दे रहा है।


लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो तुरंत जांच करानी चाहिए। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। हाथों की नियमित सफाई, जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।


सरकार की तैयारी

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच करने और आवश्यक दवाओं व चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित बढ़ोतरी से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को तैयार रखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 अब कई क्षेत्रों में मौसमी संक्रमण की तरह सामने आ सकता है। इसलिए घबराने के बजाय समय पर जांच, जिम्मेदार व्यवहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करना ही संक्रमण को नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।