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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में करंट से PhD स्कॉलर की मौत, जलभराव के बीच हुआ हादसा l

पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में मंगलवार सुबह बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। पानी से भरे रास्ते से गुजरते समय 26 वर्षीय PhD स्कॉलर ज्योति की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ज्योति का शव सड़क किनारे बिजली के खंभे के पास मिला। हादसे के बाद ABVP कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।

Kashish Rai30 जुल. 2026, 07:17 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में करंट से PhD स्कॉलर की मौत, जलभराव के बीच हुआ हादसा l

पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बाद हुए जलभराव ने एक छात्रा की जान ले ली। 26 वर्षीय PhD स्कॉलर ज्योति की पानी से भरे रास्ते से गुजरने के दौरान बिजली का झटका लगने से मौत हो गई। घटना के बाद कैंपस में हड़कंप मच गया और छात्रों में भी नाराजगी देखने को मिली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण कैंपस के कई हिस्सों में पानी भर गया था। इसी दौरान ज्योति जलभराव वाले रास्ते से गुजर रही थीं। आरोप है कि पानी में बिजली का करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। बाद में उनका शव सड़क किनारे एक बिजली के खंभे के पास मिला।


घटना के समय मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली का करंट पानी में किस वजह से फैला और हादसे के लिए कौन से परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। मृतक छात्रा ज्योति मूल रूप से हरियाणा के पेहोवा की रहने वाली थीं और पंजाब यूनिवर्सिटी में PhD की पढ़ाई कर रही थीं। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर यानी XEN के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।


ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब वे XEN के कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कैंपस में पहले भी जलभराव और बिजली से जुड़े खतरे सामने आते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

ABVP के प्रदेश अध्यक्ष प्रथम सिंगला ने आरोप लगाया कि जलभराव वाली सड़क से गुजरते समय ज्योति पानी में फैले करंट की चपेट में आईं। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है। छात्र संगठनों का कहना है कि बारिश के दौरान कैंपस में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। ऐसे में बिजली के खंभों और खुले विद्युत उपकरणों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से सतर्कता बरती जानी चाहिए थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि पानी में करंट कैसे आया, बिजली व्यवस्था में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और हादसे के समय सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।