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इंजीनियरिंग एडमिशन 2026: कंप्यूटर और AI ब्रांच में सबसे ज्यादा सीटें, छात्रों की बढ़ी दिलचस्पी

महाराष्ट्र में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 380 इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 2,16,552 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। MHT CET के माध्यम से 2.44 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और अन्य तकनीकी शाखाएं छात्रों की पहली पसंद बनकर उभरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक, AI और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण इन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।

Anshuman Mishra30 जुल. 2026, 07:17 PM IST
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इंजीनियरिंग एडमिशन 2026: कंप्यूटर और AI ब्रांच में सबसे ज्यादा सीटें, छात्रों की बढ़ी दिलचस्पी

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वर्ष राज्य के 380 इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 2,16,552 सीटें उपलब्ध हैं, जिनके लिए 2,44,355 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। प्रवेश प्रक्रिया महाराष्ट्र राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (MHT CET) के माध्यम से संचालित की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इंजीनियरिंग शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदला है। अब पारंपरिक शाखाओं के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम छात्रों की पहली पसंद बन रहे हैं।

किन शाखाओं में सबसे अधिक सीटें?
राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक सीटें कंप्यूटर इंजीनियरिंग में उपलब्ध हैं। इसके बाद मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा सिविल इंजीनियरिंग का स्थान है।

मुख्य शाखाओं की सीटें इस प्रकार हैं:
• कंप्यूटर इंजीनियरिंग – 30,993 सीटें
• मैकेनिकल इंजीनियरिंग – 24,481 सीटें
• इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन – 21,821 सीटें
• कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग – 20,423 सीटें
• सिविल इंजीनियरिंग – 17,500 सीटें

यदि AI, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, IoT और अन्य कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रमों को भी शामिल किया जाए, तो कुल इंजीनियरिंग सीटों का लगभग आधा हिस्सा डिजिटल और उभरती तकनीकों से संबंधित क्षेत्रों में है।

क्यों बदल रही है छात्रों की पसंद?
कोविड-19 महामारी के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था, क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑटोमेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे तकनीकी विशेषज्ञों की मांग बढ़ी और छात्रों का झुकाव भी कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ा। हालांकि हाल के वर्षों में आईटी सेक्टर में भर्ती की गति कुछ धीमी हुई है, फिर भी उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा इंजीनियरिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, रोबोटिक्स और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 के बढ़ते प्रभाव के कारण मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी पारंपरिक शाखाओं की मांग भी दोबारा बढ़ने लगी है।

MHT CET क्या है?
महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (MHT CET) राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, फार्मेसी और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों की मेरिट MHT CET के अंकों, पात्रता नियमों और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर तय होती है। इसके बाद विभिन्न चरणों में सीट आवंटन किया जाता है।

छात्रों के लिए यह अवसर क्यों महत्वपूर्ण है?
महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े तकनीकी शिक्षा केंद्रों में से एक है। यहां सरकारी, अनुदानित और निजी संस्थानों में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग सीटें उपलब्ध हैं। इस वर्ष सीटों की संख्या अधिक होने से छात्रों के पास अपनी पसंद के कॉलेज और शाखा चुनने के बेहतर अवसर होंगे। विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्र केवल लोकप्रियता के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी रुचि, कौशल, उद्योग की भविष्य की मांग, संस्थान की गुणवत्ता, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, फैकल्टी और इंटर्नशिप सुविधाओं को ध्यान में रखकर शाखा का चयन करें।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में निम्न क्षेत्रों में रोजगार तेजी से बढ़ सकता है:
• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
• मशीन लर्निंग
• डेटा साइंस और बिग डेटा
• साइबर सिक्योरिटी
• क्लाउड कंप्यूटिंग
• रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
• सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग
• इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी
• इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

इन क्षेत्रों में भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी कुशल इंजीनियरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

प्रवेश प्रक्रिया में किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र समय सीमा के भीतर विकल्प भरें, सभी दस्तावेजों का सत्यापन समय पर कराएं और केवल सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के बजाय आधिकारिक वेबसाइट से ही प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त करें। इसके अलावा कॉलेज चुनते समय केवल ब्रांच ही नहीं, बल्कि संस्थान की मान्यता, NAAC/NBA रैंकिंग, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, उद्योग सहयोग और शोध सुविधाओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए। महाराष्ट्र में 2.16 लाख से अधिक इंजीनियरिंग सीटों की उपलब्धता लाखों छात्रों के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा का बड़ा अवसर लेकर आई है। बदलते उद्योग परिदृश्य में AI, कंप्यूटर साइंस और उभरती तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्र सोच-समझकर अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार शाखा का चयन करें, तो यह उनके करियर की मजबूत नींव साबित हो सकता है।