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विश्व शतरंज का सबसे बड़ा मुकाबला! क्या गुकेश बचा पाएंगे ताज या सिंदारोव करेंगे नया इतिहास?
भारत के विश्व चैंपियन डी. गुकेश के सामने अब करियर की सबसे कठिन परीक्षा है। शानदार लय में चल रहे उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर जवोखिर सिंदारोव विश्व खिताब पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेंगे। जिनेवा में होने वाला यह मुकाबला शतरंज प्रेमियों के लिए साल का सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जा रहा है।

नई दिल्ली:
विश्व शतरंज की निगाहें इस साल स्विट्जरलैंड के जिनेवा पर टिकी होंगी, जहां मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश अपने खिताब की रक्षा के लिए उज्बेकिस्तान के युवा स्टार जवोखिर सिंदारोव से भिड़ेंगे। यह मुकाबला केवल विश्व चैंपियन तय नहीं करेगा, बल्कि शतरंज इतिहास का सबसे युवा विश्व चैंपियनशिप मुकाबला भी बनेगा। दोनों खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत के समय 20 वर्ष के होंगे।
क्यों खास है यह मुकाबला?
साल 2024 में चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व चैंपियन बने डी. गुकेश अब पहली बार अपने खिताब का बचाव करेंगे। दूसरी ओर, जवोखिर सिंदारोव ने 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती पेश की है। दोनों खिलाड़ियों की उम्र केवल 20 वर्ष होने के कारण यह मुकाबला विश्व शतरंज इतिहास का सबसे युवा टाइटल मैच माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार हाल के महीनों में क्लासिकल शतरंज में गुकेश का प्रदर्शन अपेक्षाकृत उतार-चढ़ाव वाला रहा है, जबकि सिंदारोव शानदार फॉर्म में हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व चैंपियनशिप जैसा लंबा मुकाबला केवल मौजूदा फॉर्म से नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, तैयारी और रणनीति से तय होता है।
जिनेवा क्यों चुना गया?
विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए भारत, अमेरिका, साइप्रस सहित कई देशों ने रुचि दिखाई थी। अंततः FIDE ने तटस्थ स्थल के रूप में जिनेवा का चयन किया। FIDE के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने कहा कि जिनेवा विभिन्न संस्कृतियों और देशों को जोड़ने वाला शहर है और विश्व स्तरीय आयोजन के लिए उपयुक्त मंच प्रदान करेगा।
14 क्लासिकल बाजियों में होगा फैसला
विश्व चैंपियनशिप में कुल 14 क्लासिकल मुकाबले खेले जाएंगे। जो खिलाड़ी 7.5 अंक पहले हासिल करेगा, वही विश्व चैंपियन बनेगा। यदि 14 मुकाबलों के बाद स्कोर बराबर रहता है, तो विजेता का फैसला टाईब्रेक के जरिए किया जाएगा।
भारत की उम्मीदें गुकेश पर
18 वर्ष की आयु में विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रचने वाले डी. गुकेश अब एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहे हैं। यदि वह खिताब बचाने में सफल रहते हैं, तो आधुनिक शतरंज में लगातार दो विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। वहीं सिंदारोव के लिए यह अपने करियर का पहला विश्व खिताब जीतने का अवसर होगा।
यह मुकाबला क्यों रहेगा रोमांचक?
विशेषज्ञों के अनुसार सिंदारोव की मौजूदा फॉर्म उन्हें बढ़त देती है, जबकि गुकेश के पास विश्व चैंपियनशिप का अनुभव, गहन तैयारी और लंबे मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता है। ऐसे में यह मुकाबला हाल के वर्षों की सबसे रोमांचक विश्व शतरंज चैंपियनशिप में से एक माना जा रहा है।
