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अतीक अहमद पर जारी कार्रवाई: 110 करोड़ की बेनामी जमीन कुर्क, प्रयागराज पुलिस का बड़ा एक्शन l
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रयागराज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी करीब 20.38 बीघा बेनामी जमीन कुर्क कर ली है, जिसकी कीमत लगभग 110 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर की गई है। अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के तीन साल बाद भी उसकी अवैध संपत्तियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ जारी सख्त अभियान के बीच प्रयागराज पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की अपराध से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 20.38 बीघा जमीन कुर्क कर ली है। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 110 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो इसे हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक बनाती है। पुलिस के अनुसार, यह जमीन सदर तहसील क्षेत्र के भीटी और कटहुला गौसपुर इलाकों में स्थित है। जांच में सामने आया कि अतीक अहमद ने अपराध से अर्जित धन के जरिए यह जमीन बेनामी तरीके से खरीदी थी। जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी, ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके।
जांच एजेंसियों ने जब इस जमीन के दस्तावेजों की पड़ताल की, तो यह भी सामने आया कि पंजीकरण के दौरान जमीन की कीमत सरकारी रिकॉर्ड में काफी कम दिखाई गई थी। इस तरह न सिर्फ अवैध कमाई का इस्तेमाल हुआ, बल्कि राजस्व को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी जमीन कुल 44 आराजियों में फैली हुई है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 5.112668 हेक्टेयर यानी करीब 20.38 बीघा है। जांच में स्पष्ट रूप से इसे अतीक अहमद की अपराध से अर्जित संपत्ति से जोड़ा गया। इसके बाद पुलिस आयुक्त न्यायालय, कमिश्नरेट प्रयागराज के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस कुर्की को आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी लेन-देन संभव न हो सके। गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद अतीक के अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान और उन पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है।
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की इस तरह की कार्रवाइयों को माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में अतीक अहमद और उससे जुड़े नेटवर्क की सैकड़ों करोड़ की संपत्तियों पर बुलडोजर और कुर्की की कार्रवाई की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल अपराधियों की आर्थिक ताकत को कमजोर करती है, बल्कि समाज में कानून का भय भी स्थापित करती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन अतीक अहमद से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहे हैं, और आने वाले समय में ऐसी और बड़ी कार्रवाइयों की संभावना जताई जा रही है।
