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स्कूल में मारपीट के बाद 12 साल के छात्र की मौत, हंगामे के बाद पूरा स्टाफ सस्पेंड l

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां स्कूल में बच्चों के बीच हुई मारपीट के बाद 12 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए परिजन शव लेकर स्कूल पहुंचे और हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हेडमास्टर समेत पूरे स्कूल स्टाफ को निलंबित कर दिया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

Kashish Rai30 जुल. 2026, 07:18 PM IST
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स्कूल में मारपीट के बाद 12 साल के छात्र की मौत, हंगामे के बाद पूरा स्टाफ सस्पेंड l

कौशाम्बी जिले के चरवा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर सुधवर गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आई यह घटना पूरे इलाके को झकझोर देने वाली है l यहां कक्षा पांच में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र विभान की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं l परिजनों के अनुसार, बीते शुक्रवार को स्कूल में बच्चों के बीच हुई मारपीट के दौरान विभान गंभीर रूप से घायल हो गया था, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इस घटना की जानकारी परिवार को नहीं दी l बताया जा रहा है कि स्कूल से घर लौटने के बाद विभान की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी l उसे खाने-पीने में दिक्कत होने लगी और गले से पानी तक नहीं उतर रहा था. जब परिवार ने उससे पूछताछ की, तब उसने स्कूल में हुई मारपीट की पूरी बात बताई. बेटे की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उसे तुरंत प्रयागराज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चला. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई l


मासूम की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई. गुस्साए परिजन और ग्रामीण छात्र का शव लेकर सीधे स्कूल पहुंच गए और परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों का आरोप था कि यदि स्कूल प्रशासन समय रहते घटना की सूचना देता और जिम्मेदारी निभाता, तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी. इस दौरान स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और शिक्षक व अन्य बच्चे वहां से हट गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. एडिशनल एसपी अमिता सिंह, सीओ शिवांक सिंह और चरवा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला. 


अधिकारियों ने काफी देर तक परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल सख्त कदम उठाए. उप जिलाधिकारी चायल प्रेरणा गौतम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्र कुशवाहा और एबीएसए हिना सिद्दीकी ने मौके पर पहुंचकर जांच की. प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.


पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न सिर्फ स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भी गंभीर कमी को उजागर करती है.