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असम में नया भूमि कानून पास, मूल निवासियों को जमीन खरीदने की अनुमति
असम विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण भूमि कानून पास किया है, जिसके तहत राज्य के ‘Original Inhabitants’ को अब ऐतिहासिक और विरासत स्थलों के आसपास जमीन खरीदने और रखने की अनुमति दी गई है। यह कानून सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Neha Sharma30 जुल. 2026, 07:18 PM IST

असम की राजनीति और भूमि नीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य विधानसभा ने एक अहम Land Law पास किया है, जिसके तहत अब ‘Original Inhabitants’ यानी मूल निवासियों को ऐतिहासिक और विरासत स्थलों के आसपास जमीन खरीदने की अनुमति दी गई है। अब तक इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने और उपयोग पर सख्त पाबंदियां लागू थीं, लेकिन नए कानून के जरिए सरकार ने स्थानीय लोगों को राहत देने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
असम सरकार ने भूमि से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक नया कानून पारित किया है। इस कानून के तहत राज्य के “Original Inhabitants” यानी मूल निवासियों को अब उन क्षेत्रों में जमीन खरीदने की अनुमति दी गई है, जो पहले काफी हद तक प्रतिबंधित थे। यह नया प्रावधान खास तौर पर उन “iconic heritage institutions” पर लागू होगा, जो कम से कम 250 साल पुराने हैं। इन विरासत स्थलों के चारों ओर 5 किलोमीटर के दायरे में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पहले कड़े प्रतिबंध थे, ताकि इन ऐतिहासिक जगहों की सुरक्षा और पहचान बनी रहे।
कानून का उद्देश्य क्या है?
- राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा
- स्थानीय निवासियों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करना
सरकार का मानना है कि लंबे समय से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूरी तरह से जमीन खरीदने से रोकना उनके अधिकारों के खिलाफ था। इसलिए अब “Original Inhabitants” को सीमित छूट दी गई है।
क्या बदलेगा इस कानून से?
- अब स्थानीय लोग विरासत स्थलों के पास जमीन खरीद सकेंगे
- बाहरी लोगों के लिए नियम अब भी सख्त रह सकते हैं
- heritage क्षेत्रों में अनियंत्रित विकास पर नियंत्रण जारी रहेगा
- जमीन से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कानून का मतलब यह नहीं है कि heritage क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण की अनुमति दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की ऐतिहासिक पहचान, पर्यावरण और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखना है।
भूमि और नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून एक संतुलित कदम है, जिसमें विकास और संरक्षण दोनों को ध्यान में रखा गया है। हालांकि, इसके सही क्रियान्वयन पर ही इसका वास्तविक असर निर्भर करेगा।
असम का यह नया Land Law राज्य की भूमि नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे जहां स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, वहीं सरकार पर यह जिम्मेदारी भी बढ़ेगी कि वह heritage स्थलों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी बनाए रखे।
