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Hair Transplant कराने से पहले जान लें नियम, NMC ने मरीजों की सुरक्षा के लिए जारी की गाइडलाइन
भारत में तेजी से बढ़ते एस्थेटिक ट्रीटमेंट, कॉस्मेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट के मामलों के बीच नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन गाइडलाइंस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी सभी सर्जिकल प्रक्रियाएं केवल योग्य, प्रशिक्षित और लाइसेंस प्राप्त डॉक्टरों द्वारा ही की जाएं।

NMC ने स्पष्ट किया है कि हेयर ट्रांसप्लांट केवल एक ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं बल्कि एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें त्वचा पर चीरा लगाना, बालों के ग्राफ्ट निकालना और उन्हें दोबारा प्रत्यारोपित करना शामिल होता है। इसलिए इसे बिना उचित मेडिकल ट्रेनिंग वाले व्यक्ति द्वारा करना मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
सोशल मीडिया और विज्ञापनों से बढ़ा कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट का चलन
पिछले कुछ वर्षों में भारत में हेयर ट्रांसप्लांट, फेस लिफ्ट, बोटॉक्स, लेजर ट्रीटमेंट और अन्य एस्थेटिक प्रक्रियाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटी लुक, आकर्षक विज्ञापन और कम कीमत वाले ऑफर के कारण बड़ी संख्या में लोग कॉस्मेटिक क्लीनिकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि कई जगहों पर पर्याप्त प्रशिक्षण और मेडिकल सुविधाओं के बिना ऐसी प्रक्रियाएं की जा रही हैं। इससे संक्रमण, गलत हेयरलाइन डिजाइन, स्किन डैमेज, ज्यादा ब्लीडिंग और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
NMC ने हेयर ट्रांसप्लांट को बताया सर्जिकल प्रक्रिया
NMC की गाइडलाइन के अनुसार:
स्कैल्प या शरीर से टिश्यू निकालना
हेयर ग्राफ्ट तैयार करना
डोनर एरिया से बाल निकालना
रिसीपिएंट एरिया में नए स्थान बनाना
ये सभी प्रक्रियाएं सर्जरी के अंतर्गत आती हैं। इनमें त्वचा पर चीरा लगाया जाता है, इसलिए इन्हें केवल Registered Medical Practitioner (RMP) ही कर सकता है। NMC ने यह भी कहा है कि रोबोटिक हेयर ट्रांसप्लांट जैसी तकनीकें भी सर्जिकल प्रक्रिया ही मानी जाएंगी और इनके लिए भी प्रशिक्षित डॉक्टर आवश्यक हैं।
कौन कर सकता है हेयर ट्रांसप्लांट?
NMC के अनुसार हेयर रिस्टोरेशन सर्जरी करने वाले डॉक्टरों के पास निम्न जानकारी और प्रशिक्षण होना चाहिए:
बालों की संरचना और ग्रोथ साइकल की जानकारी
बाल झड़ने की बीमारी (Alopecia) की पहचान
स्कैल्प की नसों और रक्त वाहिकाओं की जानकारी
किन मरीजों में हेयर ट्रांसप्लांट नहीं किया जाना चाहिए, इसकी समझ
सर्जरी के दौरान होने वाली जटिलताओं को संभालने की क्षमता
ऑपरेशन के बाद मरीज की देखभाल की जानकारी
NMC ने यह भी कहा है कि प्लास्टिक सर्जरी और डर्मेटोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरों को इस क्षेत्र में प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि इनके पाठ्यक्रम में हेयर ट्रांसप्लांट और संबंधित सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
टेक्नीशियन या गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति नहीं कर सकते सर्जरी
NMC ने स्पष्ट किया है कि कोई भी Registered Medical Practitioner किसी ऐसे व्यक्ति को सर्जरी करने के लिए प्रशिक्षित नहीं कर सकता जो मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य पेशेवर नहीं है। कई मामलों में देखा गया है कि कुछ क्लीनिकों में डॉक्टर की मौजूदगी के बिना टेक्नीशियन या अन्य कर्मचारी हेयर ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाएं करते हैं। NMC ने इसे चिकित्सा नैतिकता के खिलाफ बताया है। सर्जिकल असिस्टेंट या टेक्नीशियन केवल डॉक्टर की निगरानी में ही अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
सर्जरी से पहले डॉक्टर की जिम्मेदारी क्या होगी?
NMC की गाइडलाइन के अनुसार हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय डॉक्टर की जिम्मेदारी होंगे:
- डॉक्टर को यह पता लगाना होगा कि मरीज वास्तव में हेयर ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है या नहीं।
- कितने ग्राफ्ट की जरूरत होगी, हेयरलाइन कैसी होगी और भविष्य में बालों की स्थिति क्या रहेगी, इसकी योजना डॉक्टर बनाएंगे।
- डोनर एरिया से बाल निकालना, हेयरलाइन डिजाइन करना और ग्राफ्ट लगाना डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए।
- सर्जरी के बाद संक्रमण, सूजन या अन्य समस्याओं की निगरानी भी डॉक्टर की जिम्मेदारी होगी।
मरीजों की सुरक्षा के लिए क्लीनिक में जरूरी सुविधाएं
NMC ने यह भी जोर दिया है कि एस्थेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट ऐसी जगहों पर किए जाने चाहिए जहां:
उचित मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो
प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध हो
आपात स्थिति में इलाज की सुविधा हो
बेसिक लाइफ सपोर्ट और रेससिटेशन की व्यवस्था हो
मरीजों को सर्जरी से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार मरीजों को केवल सोशल मीडिया विज्ञापन देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। हेयर ट्रांसप्लांट या कॉस्मेटिक सर्जरी से पहले:
डॉक्टर की डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन जांचें
क्लीनिक की मान्यता देखें
सर्जरी के जोखिम समझें
बहुत कम कीमत वाले ऑफर से सावधान रहें
पहले किए गए मरीजों के वास्तविक परिणाम देखें
स्वास्थ्य मंत्रालय: मेडिकल एथिक्स बनाए रखना जरूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार NMC का Ethics and Medical Registration Board (EMRB) डॉक्टरों के पेशेवर आचरण और मेडिकल एथिक्स की निगरानी करता है। सरकार ने बताया है कि एस्थेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NMC की गाइडलाइन लागू हैं।
भारत में एस्थेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। NMC की गाइडलाइन का उद्देश्य यही है कि कॉस्मेटिक जरूरतों के नाम पर मरीजों की जान और स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूक मरीज, प्रशिक्षित डॉक्टर और सख्त नियम मिलकर ही सुरक्षित कॉस्मेटिक चिकित्सा व्यवस्था बना सकते हैं।
