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यूक्रेन पर रूसी मिसाइलों की बरसात: कीव समेत कई शहरों में भारी तबाही
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध और भी गंभीर हो गया है। रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों में यूक्रेन के कई इलाकों में नागरिकों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। राजधानी कीव समेत कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हमले किए गए। इस हमले के बाद यूक्रेन की एयर डिफेंस और नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि रूस-यूक्रेन युद्ध आगे कितना गंभीर रूप ले सकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले देखने को मिले हैं। रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों में रातभर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम-से-कम 8 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमलों का असर राजधानी कीव से लेकर पश्चिमी यूक्रेन के ल्वीव और अन्य क्षेत्रों तक दिखाई दिया। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को रोकने का दावा किया, लेकिन कई हमले लक्ष्य तक पहुंच गए और नागरिक इलाकों में नुकसान हुआ।
हमले में क्या हुआ?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने इस हमले में लगभग 280 ड्रोन और 70 से अधिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी वायु रक्षा ने 260 से अधिक ड्रोन और कई मिसाइलों को रोकने का दावा किया। इसके बावजूद कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचे। रूस की ओर से कहा गया कि हमलों में यूक्रेन की सैन्य सुविधाओं, ड्रोन उत्पादन केंद्रों और मिसाइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। रूस ने कई सैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बंदरगाह क्षेत्र में मौजूद जहाजों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों समेत नागरिकों की मौत
हमले का सबसे दर्दनाक पहलू नागरिकों की मौत है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में छह लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल थे। राजधानी कीव में भी एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। ल्वीव में 34 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।
इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के मानवीय प्रभाव को सामने ला दिया है। यूक्रेन में आम नागरिक लगातार हवाई हमलों के खतरे के बीच जीवन जी रहे हैं।
कीव में लोगों ने मेट्रो स्टेशनों में ली शरण
रूसी हमलों के दौरान राजधानी कीव में बड़ी संख्या में लोगों ने भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण ली। रिपोर्टों के अनुसार, 56,000 से अधिक लोगों ने कीव की मेट्रो में सुरक्षित स्थान लेने की कोशिश की। कीव में बम शेल्टर और सुरक्षित स्थानों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 4,300 से अधिक शेल्टर सुविधाएं सूचीबद्ध हैं, लेकिन उनमें से केवल लगभग 500 ही उचित बम शेल्टर मानकों को पूरा करती हैं। इससे पता चलता है कि लगातार हो रहे हमलों के बीच नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
यूक्रेन की एयर डिफेंस पर दबाव
लगातार रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव डाल दिया है। यूक्रेन के पास अमेरिकी निर्मित Patriot जैसी आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां हैं, लेकिन उनकी संख्या और मिसाइलों की उपलब्धता सीमित है। रिपोर्टों के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना यूक्रेन के लिए विशेष रूप से कठिन बना हुआ है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की लगातार पश्चिमी देशों से अधिक एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग कर रहे हैं।
क्या रूस ने उत्तर कोरियाई मिसाइल का इस्तेमाल किया?
इस हमले से जुड़ा एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक दावा भी सामने आया है। Reuters के अनुसार, क्रिवी रिह के पास हुए एक हालिया घातक हमले में रूस द्वारा उत्तर कोरिया निर्मित मिसाइल के इस्तेमाल की संभावना है। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह लगभग एक वर्ष में ऐसी मिसाइल के इस्तेमाल का पहला मामला हो सकता है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संकेत मिल सकता है कि रूस को युद्ध के लिए अतिरिक्त मिसाइल संसाधन मिल रहे हैं। हालांकि, इस जानकारी को अभी सावधानी से देखना जरूरी है क्योंकि संबंधित दावे की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
पोलैंड की सीमा तक पहुंचा तनाव
हमले के दौरान एक संदिग्ध रूसी क्रूज मिसाइल के पोलिश हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की खबर भी सामने आई। मिसाइल बाद में ग्रामीण क्षेत्र में गिरने की सूचना है। इस घटना ने यूक्रेन युद्ध के NATO क्षेत्र में फैलने की चिंता को फिर से बढ़ा दिया है। पोलैंड ने हमले के दौरान अपने लड़ाकू विमानों को सक्रिय किया था। यदि भविष्य में कोई रूसी मिसाइल NATO सदस्य देश के क्षेत्र में गंभीर नुकसान पहुंचाती है, तो स्थिति बेहद संवेदनशील हो सकती है।
रूस का दावा क्या है?
रूस का कहना है कि उसके हमलों का उद्देश्य नागरिकों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यूक्रेन की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। रूस ने दावा किया कि उसने ड्रोन और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों, सैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सैन्य आपूर्ति से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया।
हालांकि, इन हमलों में नागरिकों की मौत और आवासीय इलाकों को हुए नुकसान के कारण यूक्रेन रूस पर नागरिकों को आतंकित करने का आरोप लगा रहा है।
यूक्रेन भी रूस में कर रहा है हमले
यह संघर्ष एकतरफा नहीं है। यूक्रेन भी लंबी दूरी के ड्रोन और अन्य हथियारों से रूस के भीतर सैन्य और आर्थिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने रूस की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे वहां आग लग गई। इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष अब केवल अग्रिम मोर्चे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के रणनीतिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर भी हमला कर रहे हैं।
युद्ध अब पांचवें वर्ष में
रूस का यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने का आक्रमण फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। अब युद्ध अपने पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है और इसके समाप्त होने के स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, केवल जून 2026 में रूसी हमलों में कम-से-कम 265 नागरिकों की मौत और 1,816 लोग घायल हुए थे। Reuters के अनुसार, यह संयुक्त नागरिक हताहतों की संख्या युद्ध के शुरुआती महीनों के बाद सबसे अधिक थी। इससे पता चलता है कि हाल के महीनों में हवाई हमलों की तीव्रता कितनी बढ़ी है।
नागरिकों के लिए बढ़ता संकट
लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यूक्रेन में आम नागरिकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- सुरक्षित शेल्टर की कमी
- बिजली और अन्य बुनियादी सेवाओं पर खतरा
- घरों और इमारतों को नुकसान
- बच्चों और परिवारों की सुरक्षा की चिंता
- अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव
- बड़े पैमाने पर विस्थापन का खतरा
Reuters के अनुसार, कीव में कई नागरिक पर्याप्त शेल्टर उपलब्ध न होने से परेशान और नाराज हैं।
अमेरिका और पश्चिमी देशों की भूमिका
यूक्रेन को पश्चिमी देशों से सैन्य सहायता मिलती रही है, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद यूक्रेन की ओर से Patriot मिसाइल रक्षा प्रणालियों की आवश्यकता पर फिर जोर दिया गया है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी समर्थन बढ़ाने की मांग की है।
यूक्रेन का मानना है कि आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम उसके शहरों और नागरिकों को रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए बेहद जरूरी हैं।
क्या युद्ध और बढ़ सकता है?
वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए युद्ध के जल्द समाप्त होने की संभावना अभी भी अनिश्चित है। यदि रूस हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ाता है और यूक्रेन जवाबी हमलों को और तेज करता है, तो दोनों देशों के बीच संघर्ष और गंभीर हो सकता है। इसके अलावा, यदि मिसाइलें NATO देशों की सीमाओं में बार-बार प्रवेश करती हैं, तो यह केवल रूस-यूक्रेन युद्ध न रहकर व्यापक यूरोपीय सुरक्षा संकट का रूप ले सकता है।
भारत के लिए इसका क्या मतलब है?
रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव भारत पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है।
लंबे समय तक चलने वाले युद्ध से:
- वैश्विक तेल और गैस बाजार प्रभावित हो सकते हैं।
- खाद्य और उर्वरक की कीमतों में बदलाव आ सकता है।
- वैश्विक व्यापार और शिपिंग पर असर पड़ सकता है।
- भारत-रूस और भारत-यूरोप व्यापार संबंधों पर दबाव आ सकता है।
- वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिंता यह है कि युद्ध का विस्तार वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता को और बढ़ा सकता है।
यूक्रेन पर रूस के ताजा बड़े पैमाने के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने युद्ध की गंभीरता को एक बार फिर सामने ला दिया है। कम-से-कम 8 नागरिकों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की रिपोर्ट ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। कीव से लेकर ल्वीव और ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क तक हमलों का असर दिखाई दिया। यूक्रेन की एयर डिफेंस ने बड़ी संख्या में हमलों को रोकने का दावा किया, लेकिन बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन के इस्तेमाल ने उसकी सुरक्षा क्षमता पर भारी दबाव डाला है। अब सबसे बड़ी चुनौती नागरिकों की सुरक्षा, पर्याप्त एयर डिफेंस उपलब्ध कराना और युद्ध को और व्यापक होने से रोकना है। यदि रूस और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक समाधान का रास्ता नहीं निकलता, तो आने वाले समय में इस युद्ध का मानवीय और वैश्विक प्रभाव और गंभीर हो सकता है।
