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TISS का बड़ा फैसला: 2 अगस्त का दीक्षांत समारोह अचानक स्थगित

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने 2 अगस्त 2026 को होने वाला अपना 86वां दीक्षांत समारोह अंतिम समय में स्थगित कर दिया। इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। संस्थान ने “अप्रत्याशित परिस्थितियों” का हवाला दिया है, जबकि नई तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।

Neha Sharma01 अग. 2026, 02:49 PM IST
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TISS का बड़ा फैसला: 2 अगस्त का दीक्षांत समारोह अचानक स्थगित
मुंबई: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने 2 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले अपने 86वें दीक्षांत समारोह को अंतिम समय में स्थगित कर दिया है। संस्थान की ओर से इस फैसले के पीछे “अप्रत्याशित परिस्थितियों” का हवाला दिया गया है। हालांकि, समारोह स्थगित करने की विस्तृत वजह अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। यह समारोह मुंबई स्थित TISS परिसर में आयोजित किया जाना था। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। उनके अलावा बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद थी।

देर रात छात्रों को भेजा गया ई-मेल
रिपोर्ट्स के अनुसार, TISS प्रशासन ने 31 जुलाई की शुरुआती घंटों में छात्रों को ई-मेल भेजकर दीक्षांत समारोह स्थगित किए जाने की जानकारी दी। कार्यक्रम से महज कुछ समय पहले लिए गए इस फैसले से छात्रों और उनके परिवारों में निराशा देखी गई। संस्थान ने अपने संदेश में कहा कि कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण 2 अगस्त को होने वाला समारोह फिलहाल आयोजित नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, छात्रों को यह भी बताया गया कि कार्यक्रम की नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

छात्रों और परिवारों को हुई परेशानी
दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए कई छात्र देश के अलग-अलग हिस्सों से मुंबई आने की तैयारी कर चुके थे। कुछ छात्रों और उनके परिवारों ने पहले ही फ्लाइट और ट्रेन टिकट बुक कर लिए थे, जबकि कई लोगों ने होटल में ठहरने की व्यवस्था भी कर ली थी। ऐसे में कार्यक्रम के अचानक स्थगित होने से छात्रों को यात्रा और अन्य खर्चों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। 

कई छात्रों ने इस फैसले के समय को लेकर सवाल उठाए और कहा कि समारोह को इतनी देर से टाले जाने के कारण उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत परेशानियां हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, TISS प्रशासन ने ऐसे छात्रों की मदद करने की बात कही है, जिन्हें कार्यक्रम स्थगित होने के कारण आर्थिक नुकसान या कठिनाई का सामना करना पड़ा है। हालांकि, सहायता की प्रक्रिया और उसकी शर्तों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

संभावित विरोध और सुरक्षा चिंताओं की चर्चा
हालांकि TISS ने आधिकारिक तौर पर केवल “अप्रत्याशित परिस्थितियों” का कारण बताया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में परिसर में संभावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर चर्चा की गई है। कुछ छात्र संगठनों और छात्र समूहों की ओर से कार्यक्रम के दौरान विरोध किए जाने की संभावना जताई जा रही थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारियां की जानी थीं। 

हालांकि, संभावित विरोध या सुरक्षा कारणों को लेकर संस्थान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि समारोह को स्थगित करने के पीछे केवल सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं या इसके अन्य प्रशासनिक कारण भी थे।

नई तारीख का इंतजार
TISS ने अभी तक 86वें दीक्षांत समारोह की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। संस्थान की ओर से कहा गया है कि नई तारीख और आगे की जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी। दीक्षांत समारोह छात्रों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे में अचानक कार्यक्रम स्थगित होने से उन छात्रों में निराशा देखी जा रही है, जो लंबे समय से अपनी डिग्री प्राप्त करने और इस खास दिन में परिवार के साथ शामिल होने का इंतजार कर रहे थे।

अब सभी की नजर TISS प्रशासन के अगले फैसले पर है। छात्रों को उम्मीद है कि संस्थान जल्द नई तारीख की घोषणा करेगा और यात्रा व अन्य व्यवस्थाओं के कारण हुई परेशानियों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय देगा। फिलहाल, TISS की ओर से समारोह स्थगित करने की विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित विरोध और सुरक्षा संबंधी चर्चाओं को आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।