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तापमान बढ़ा तो थाली पर पड़ेगा असर, चावल की घटती पैदावार बढ़ा सकती है स्वास्थ्य चिंता
जलवायु परिवर्तन अब दुनिया के सामने सबसे बड़ी पर्यावरणीय और स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। बढ़ते वैश्विक तापमान का असर केवल मौसम के बदलाव, ग्लेशियरों के पिघलने और प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव हमारी खेती, भोजन की उपलब्धता और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में प्रत्येक 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि चावल जैसी प्रमुख खाद्यान्न फसल की पैदावार को प्रभावित कर सकती है। चावल दुनिया की आधी से अधिक आबादी का मुख्य भोजन है और भारत सहित कई एशियाई देशों में करोड़ों लोगों की भोजन व्यवस्था इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में चावल उत्पादन में गिरावट आने का मतलब केवल कृषि संकट नहीं, बल्कि भविष्य में पोषण और स्वास्थ्य संकट भी हो सकता है।
Vindhya Dubey01 अग. 2026, 03:28 PM IST

