general

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सती नदी में डूबने से तीन मासूमों की मौत, एक बच्चा सुरक्षित बचा

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कुरुखेड़ा तालुका स्थित खेड़ेगांव में शनिवार दोपहर सती नदी में नहाने गए चार स्कूली बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई में डूबने लगे, जिसमें तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई जबकि एक बच्चे को सकुशल बचा लिया गया।

Kalpana Gautam01 अग. 2026, 05:24 PM IST
खबर शेयर करें:
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सती नदी में डूबने से तीन मासूमों की मौत, एक बच्चा सुरक्षित बचा
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कुरुखेड़ा तालुका स्थित खेड़ेगांव में शनिवार दोपहर सती नदी में नहाने गए चार स्कूली बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई में डूबने लगे, जिसमें तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई जबकि एक बच्चे को सकुशल बचा लिया गया। 

यह हादसा उस समय हुआ जब सुबह का स्कूल छूटने के बाद मासूम बच्चे बिना परिजनों को सूचित किए गांव के पास बहती सती नदी के घाट पर चले गए। मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और गहराई का सही अंदाजा न होना इस दर्दनाक घटना का मुख्य कारण बना, जिसने पूरे कुरुखेड़ा तालुका में शोक की लहर पैदा कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे चारों बच्चे नदी किनारे पहुंचे थे। पानी में उतरते ही वे गहराई का अनुमान नहीं लगा सके और बहने लगे। नदी के दूसरे छोर पर कन्हारटोला के कुछ मछुआरे मासेमारी कर रहे थे। उन्होंने बच्चों को बहते देख तुरंत पानी में छलांग लगाई, लेकिन तब तक तीन बच्चों की सांसें थम चुकी थीं।

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान लक्ष्मण सुनहेर दुधकवर (6 वर्ष), कुणाल नरेश दुधकवर (5 वर्ष) और कोहित युवराज सराटे (11 वर्ष) के रूप में हुई है। दुर्घटना के दौरान 13 वर्षीय छात्र आविष विनोद आमले ने समझदारी दिखाते हुए पानी में बहती एक झाड़ी की शाखा को मजबूती से पकड़ लिया। मछुआरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ नदी घाट पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर कुरुखेड़ा और पुराड़ा थाना पुलिस तथा राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की।

घटना के बाद गढ़चिरौली के जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा ने सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कहा, "मानसून के मौसम में नदी, नाले, तालाब, बांध या अन्य जलाशयों में तैरने या नहाने न जाएं। यदि पुल या सड़क के ऊपर से पानी बह रहा हो तो पैदल या वाहन से उसे पार करने का जोखिम न उठाएं। पाटो और जलाशयों की गहराई व पानी की गति का सटीक अंदाजा लगाना कठिन होता है। सभी नागरिक सतर्क रहें और विशेष रूप से अभिभावक अपने बच्चों को जलस्रोतों से दूर रखें। "स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले में दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।