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उल्हासनगर में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ लोगों का गुस्सा; महावितरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

उल्हासनगर में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में शुक्रवार को महावितरण कार्यालय के बाहर नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने महावितरण अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाने, बढ़े हुए और गलत बिजली बिलों की पारदर्शी जांच कराने तथा आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बढ़े हुए बिजली बिलों ने उनका जीवनयापन मुश्किल कर दिया है, जिससे प्रदर्शन स्थल पर भावुक माहौल बन गया।

Priyanka Gaikwad01 अग. 2026, 05:33 PM IST
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उल्हासनगर में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ लोगों का गुस्सा; महावितरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
उल्हासनगर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और लगातार बढ़ते बिजली बिलों के विरोध में शुक्रवार को महावितरण कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और आम नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने महावितरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल स्थगित करने, बढ़े हुए बिजली बिलों की दोबारा जांच कराने, गलत बिलिंग की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने तथा उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

इसी बीच एक महिला ने भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मेरा कोई नहीं है। न पति है और न ही बच्चे। मैं अकेले एक छोटी-सी दुकान चलाकर अपना गुजारा करती हूं। बिना किसी पूर्व सूचना या मेरी अनुमति के मेरी दुकान में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। इसके बाद मेरा बिजली बिल अचानक तीन हजार रुपये तक पहुंच गया। मेरे लिए इतना बड़ा बिल भरना संभव नहीं है। बिल जमा नहीं कर पाने पर महावितरण ने मेरा बिजली मीटर भी निकाल लिया। अब मेरे जैसे गरीब लोगों को आखिर जीना कैसे है?" महिला की इस बात के बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक भारी वृद्धि हुई है। कई लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में उनके बिजली बिल दोगुने या तीन गुना तक बढ़ गए हैं।

इससे मध्यमवर्गीय परिवार, छोटे व्यापारी, दैनिक मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर लोग गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच इतना अधिक बिजली बिल भरना आम लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना लागू करते समय उपभोक्ताओं को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। कई स्थानों पर बिना पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए और जहां गलत बिलिंग पाई जाए, वहां तत्काल सुधार किया जाए। साथ ही स्मार्ट मीटर योजना को तब तक स्थगित रखा जाए, जब तक सभी शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान महावितरण के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमानुसार उन पर विचार किया जाएगा। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें ठोस राहत और न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।