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24 घंटे में यू-टर्न! महाराष्ट्र सरकार ने ई-पेपर फैसले में किया बड़ा बदलाव
उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्रियों के लिए केवल ई-पेपर और ऑनलाइन पत्रिकाओं की सदस्यता लेने संबंधी फैसले पर महाराष्ट्र सरकार ने महज 24 घंटे के भीतर आंशिक बदलाव कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी संशोधित शासनादेश के अनुसार अब संबंधित मंत्री अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या मुद्रित (प्रिंट) समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में से किसी भी विकल्प का चयन कर सकेंगे।
Priyanka Gaikwad01 अग. 2026, 05:39 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्रियों के सरकारी कार्यालयों तथा शासकीय आवासों पर मुद्रित समाचार पत्रों की जगह केवल ई-पेपर और ऑनलाइन पत्रिकाओं की सदस्यता लेने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के तहत 1 सितंबर 2026 से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रियों के कार्यालयों और सरकारी आवासों पर प्रिंट अखबार एवं पत्रिकाओं की आपूर्ति पूरी तरह बंद की जानी थी। इसके स्थान पर संबंधित मंत्रियों को स्वयं ई-पेपर की सदस्यता लेने तथा उसका खर्च अपने विभाग के बजट से वहन करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि इस फैसले के सामने आने के बाद मीडिया जगत, पत्रकार संगठनों और विभिन्न स्तरों पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद राज्य सरकार ने महज 24 घंटे के भीतर अपने निर्णय में आंशिक संशोधन करते हुए नया शासनादेश जारी कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को जारी संशोधित आदेश में 30 जुलाई के शासनादेश के अनुच्छेद क्रमांक 3 में बदलाव किया है। संशोधित आदेश के अनुसार अब उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्री अपने सरकारी कार्यालयों तथा शासकीय आवासों के लिए ऑनलाइन या मुद्रित समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में से अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विकल्प का चयन कर सकेंगे। यानी केवल ई-पेपर लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है और प्रिंट अखबारों का विकल्प भी पहले की तरह उपलब्ध रहेगा।
सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने की नीति जारी रहेगी, लेकिन साथ ही पारंपरिक मुद्रित समाचार पत्रों के महत्व को भी स्वीकार किया गया है। अब प्रत्येक मंत्री अपनी कार्यशैली और आवश्यकता के अनुसार ई-पेपर, प्रिंट अखबार या दोनों में से उपयुक्त विकल्प चुन सकेंगे। सरकार के इस त्वरित यू-टर्न की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। महज एक दिन के भीतर अपने ही निर्णय में बदलाव करने को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि प्रिंट मीडिया के महत्व और विभिन्न पक्षों से मिली प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह संशोधित निर्णय लिया है। नए आदेश के बाद अब मंत्रियों को प्रिंट अखबारों के साथ-साथ ई-पेपर का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिससे वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार समाचारों तक पहुंच बना सकेंगे।
