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नागपुर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: पुलिस छापे में महिला रेस्क्यू, संचालिका गिरफ्तार l
महाराष्ट्र के नागपुर शहर के कलमना इलाके में क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा विभाग (Social Security Branch) ने एक कथित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक मकान पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर एक महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जबकि कथित तौर पर इस अवैध कारोबार का संचालन करने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला आर्थिक रूप से कमजोर, बेरोजगार और जरूरतमंद महिलाओं को कम समय में अधिक पैसे कमाने का झांसा देकर कथित रूप से देह व्यापार में धकेलती थी। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से संचालित की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े थे, कितनी महिलाओं को इसमें शामिल किया गया था और क्या इसके तार शहर के अन्य इलाकों या दूसरे राज्यों तक फैले हुए हैं। रेस्क्यू की गई महिला को आवश्यक कानूनी सहायता, काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

महाराष्ट्र के नागपुर शहर के कलमना इलाके में पुलिस ने एक कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा विभाग (Social Security Branch) द्वारा गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके के एक मकान में लंबे समय से अवैध रूप से देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पहले इसकी गोपनीय तरीके से पुष्टि की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मकान से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे कथित तौर पर देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया था। वहीं, मौके से कथित रूप से इस पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कई दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी जब्त की है, जिनकी जांच की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को जल्दी और आसानी से अधिक पैसे कमाने का लालच देती थी। जब महिलाएं उसके संपर्क में आती थीं, तो उन्हें कथित रूप से देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ महिलाओं को झूठे वादों और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर इस अवैध गतिविधि में शामिल किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या महिलाओं को किसी प्रकार के दबाव, धमकी या धोखे के माध्यम से इस काम के लिए मजबूर किया जाता था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इस मकान को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने भी यहां संदिग्ध गतिविधियां होने की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा विभाग ने गुप्त निगरानी शुरू की और पूरी जानकारी जुटाने के बाद कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में बिना पर्याप्त साक्ष्यों के कार्रवाई करना मुश्किल होता है, इसलिए पहले पूरी योजना बनाई गई और उसके बाद छापा मारा गया। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस रैकेट का संचालन कब से किया जा रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल भुगतान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध कारोबार से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा था।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस कथित रैकेट का संबंध नागपुर के अन्य इलाकों, महाराष्ट्र के दूसरे शहरों या अन्य राज्यों से भी है। यदि जांच के दौरान किसी दलाल, एजेंट या अन्य आरोपी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
रेस्क्यू की गई महिला को सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, जहां उसे कानूनी सहायता, काउंसलिंग और पुनर्वास से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसके अधिकारों की रक्षा की जाएगी। यदि जांच के दौरान अन्य पीड़ित महिलाओं की जानकारी सामने आती है तो उनका भी रेस्क्यू कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, मानव तस्करी या अवैध देह व्यापार की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उनका कहना है कि मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण जैसे अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि इस तरह के संगठित अपराधों की पूरी श्रृंखला को खत्म करना भी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा होगा।
