government

FSSAI की बड़ी कार्रवाई, Food Safety नियम तोड़ने वाली तीन कंपनियां जांच के घेरे में

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और भ्रामक दावों के मामले में तीन फूड कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत एक कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि दो कंपनियों के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई। FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

Neha Sharma01 अग. 2026, 09:25 PM IST
खबर शेयर करें:
FSSAI की बड़ी कार्रवाई, Food Safety नियम तोड़ने वाली तीन कंपनियां जांच के घेरे में

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फूड कंपनियों पर सख्त कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई के तहत एक कंपनी के उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने (Product Recall), दूसरी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस निलंबित करने (Licence Suspension) और तीसरी कंपनी के एक हेल्थ सप्लीमेंट की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।


किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?

1. Switz Foods Pvt Ltd का लाइसेंस निलंबित

कोलकाता की प्रमुख बेकरी कंपनी Switz Foods Pvt Ltd के उत्पादन संयंत्र में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलीं। FSSAI के अनुसार फैक्ट्री में अस्वच्छ उत्पादन व्यवस्था, कीट (Pest) संक्रमण और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।


2. Folineuro Syrup की बिक्री पर रोक

FSSAI ने Vatave Healthcare के Folineuro Syrup के प्रचार और दावों को लेकर कार्रवाई की। प्राधिकरण का कहना है कि उत्पाद से जुड़े कुछ दावे नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते इसकी बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए।


3. Neuherbs True Vitamin पर भी कार्रवाई

Global Healthfit Retail India Pvt Ltd के Neuherbs True Vitamin पर भी भ्रामक दावों (Misleading Claims) के आरोप में कार्रवाई की गई। FSSAI ने उत्पाद की बिक्री रोकने के निर्देश जारी किए और कंपनी से नियमों के पालन को लेकर जवाब मांगा है।


FSSAI ने कार्रवाई क्यों की?

  • खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन।
  • भ्रामक विज्ञापन और लेबलिंग।
  • उत्पादों पर ऐसे स्वास्थ्य संबंधी दावे, जिनका पर्याप्त वैज्ञानिक आधार नहीं था।
  • अस्वच्छ उत्पादन व्यवस्था।
  • उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली पैकेजिंग और मार्केटिंग।

FSSAI का क्या कहना है?

FSSAI ने कहा कि वह Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो भी फूड बिजनेस ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करेंगे या भ्रामक दावे करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?

इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पाद सुरक्षित हों और उनके लेबल पर दी गई जानकारी सही हो। विशेषज्ञों का कहना है कि

  • FSSAI लाइसेंस नंबर जांचना चाहिए।
  • लेबल और सामग्री (Ingredients) पढ़नी चाहिए।
  • एक्सपायरी डेट देखनी चाहिए।
  • स्वास्थ्य संबंधी बड़े दावों पर बिना जांच भरोसा नहीं करना चाहिए।

उद्योग पर क्या असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया कार्रवाई से फूड और न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियों पर नियामकीय दबाव बढ़ेगा। कंपनियों को अब अपने उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग और विज्ञापनों को FSSAI के नियमों के अनुरूप रखना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबन, उत्पाद रिकॉल, बिक्री पर रोक और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।


आगे क्या?

FSSAI ने संकेत दिया है कि देशभर में निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेंगे। यदि किसी कंपनी द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों या लेबलिंग नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।