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पीएम मोदी का बड़ा बयान- भारत का स्वास्थ्य ढांचा हुआ मजबूत, आयुष्मान भारत और आयुष्मान आरोग्य मंदिर से गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और देश का स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, अनुसंधान और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना है।

Vindhya Dubey02 अग. 2026, 09:02 PM IST
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पीएम मोदी का बड़ा बयान- भारत का स्वास्थ्य ढांचा हुआ मजबूत, आयुष्मान भारत और आयुष्मान आरोग्य मंदिर से गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
प्रधानमंत्री ने यह बात ‘सबका साथ, सबका विकास – लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना’ विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार के लिए केवल एक नीति या चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह बजट की मूल भावना और सरकार की प्रतिबद्धता का आधार है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जहां बीमारी के इलाज के साथ-साथ बीमारी को रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य देखभाल यानी Preventive Healthcare को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

उन्होंने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार किया गया है। कई जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

आयुष्मान भारत और आयुष्मान आरोग्य मंदिर से ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, जांच सुविधाएं और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार इस दिशा में किया जा रहा है कि किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो रहा है।

योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद आज दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहे हैं। भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपराएं अब वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी जगह बना रही हैं। उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा में शरीर, मन और जीवनशैली के संतुलन को महत्व दिया जाता है और योग तथा आयुर्वेद इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

केयर इकोनॉमी से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री ने तेजी से बढ़ रही ‘केयर इकोनॉमी’ यानी देखभाल आधारित अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों, देखभाल करने वाले कर्मचारियों और सहायकों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत के युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार के बड़े अवसर पैदा कर सकता है। यदि युवा इस क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और कौशल हासिल करते हैं तो वे न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

STEM क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां तेजी से नई तकनीकों और वैज्ञानिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को भविष्य की तकनीकों में समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

युवा शोधकर्ताओं के लिए मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम की जरूरत
प्रधानमंत्री ने देश में मजबूत शोध और नवाचार व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है जहां युवा शोधकर्ता नए विचारों पर स्वतंत्र रूप से काम कर सकें, प्रयोग कर सकें और नई खोजों को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि भारत को एक ऐसे रिसर्च इकोसिस्टम की आवश्यकता है जहां युवाओं को संसाधन, अवसर और सहयोग मिले, जिससे देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में और तेजी से आगे बढ़ सके।

AVGC सेक्टर से बढ़ेंगे रोजगार और उद्यमिता के अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता को आपस में जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बताया।

उन्होंने कहा कि भारत तेजी से नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और इस बदलाव में रचनात्मक उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। AVGC क्षेत्र युवाओं को नई तकनीकों के साथ जुड़ने और वैश्विक बाजार में अवसर हासिल करने का मौका देगा।

शिक्षण संस्थानों को उद्योग और शोध से जोड़ने की अपील
प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग, अनुसंधान और नवाचार के केंद्रों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें उद्योग की जरूरतों, नई तकनीकों और वास्तविक जीवन की चुनौतियों से भी जोड़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में शोध आधारित सीखने की संस्कृति विकसित होने से युवा रोजगार पाने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का विकास मॉडल स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक और रोजगार के क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसा मजबूत तंत्र तैयार करना है जहां हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, युवाओं को अवसर और देश को नवाचार आधारित विकास की नई दिशा मिल सके।