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छत्रपति संभाजीनगर बस स्टैंड पर महिला यात्री को आया साइलेंट अटैक, महिला कंडक्टर ने सीपीआर देकर बचाई जान

छत्रपति संभाजीनगर के मध्यवर्ती बस स्टैंड पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब दिल का दौरा पड़ने से अचानक बेहोश होकर गिरी एक महिला यात्री को एसटी महामंडळ की महिला कंडक्टर संगीता पालवे ने बिना गवाए समय तुरंत सीपीआर (CPR) देकर नया जीवन दिया।

Kalpana Gautam02 अग. 2026, 10:05 PM IST
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छत्रपति संभाजीनगर बस स्टैंड पर महिला यात्री को आया साइलेंट अटैक, महिला कंडक्टर ने सीपीआर देकर बचाई जान
छत्रपति संभाजीनगर के मध्यवर्ती बस स्टैंड पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब दिल का दौरा पड़ने से अचानक बेहोश होकर गिरी एक महिला यात्री को एसटी महामंडळ की महिला कंडक्टर संगीता पालवे ने बिना गवाए समय तुरंत सीपीआर (CPR) देकर नया जीवन दिया।

आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी की जान कैसे बचा सकती है, यह घटना उसकी एक जीवित मिसाल बनकर सामने आई है। बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगह पर जहां लोग घबराकर तमाशबीन बने हुए थे, वहीं महिला बस कंडक्टर और सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ और तत्परता ने एक अनमोल जिंदगी को समय रहते बुझने से बचा लिया।

शनिवार सुबह करीब 10 बजे छत्रपति संभाजीनगर के मध्यवर्ती बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म पर एक महिला यात्री अपनी बस का इंतजार कर रही थी। तभी अचानक उसे सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और घबराहट होने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला यात्री चक्कर खाकर सीधे जमीन पर गिर पड़ी। महिला के बेहोश होते ही आसपास यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महिला की सांसें रुकती देख और नब्ज गिरती देख वहां ड्यूटी पर मौजूद एसटी बस कंडक्टर संगीता पालवे तुरंत आगे आईं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए संगीता पालवे ने एक क्षण का भी विलंब किए बिना महिला को समतल जमीन पर लिटाया और सीपीआर देना शुरू कर दिया।  

संगीता पालवे ने महिला की छाती पर एक निश्चित गति से दबाव दिया और कृत्रिम श्वसन (Artificial Respiration) प्रक्रिया शुरू की। इस पूरे घटनाक्रम में बस स्टैंड की सुरक्षा गार्ड कविता भुतेकर ने भी संगीता पालवे का पूरा साथ दिया और भीड़ को नियंत्रित करते हुए आपातकालीन सहायता में मदद की। दोनों की अथक कोशिशों के बाद आखिरकार महिला यात्री की रुक चुकी सांसें और दिल की धड़कनें वापस लौटने लगीं।