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पुणे के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप के बाद प्रथम वर्ष का छात्र 15 दिनों से बेपत्ता
पुणे के प्रसिद्ध बी. जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (बीजेएमसी) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का 19 वर्षीय छात्र तन्मय अजयकुमार वंगे (निवासी पेठवडगांव, कोल्हापुर) पिछले दो हफ्तों से (18 जुलाई 2026 से) संदिग्ध परिस्थितियों में बेपत्ता है। छात्र के पिता अजयकुमार वंगे ने खराड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि हॉस्टल में सहपाठियों द्वारा ग्रामीण पृष्ठभूमि को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना (रैगिंग) से परेशान होकर तन्मय गायब हुआ है।
Kalpana Gautam02 अग. 2026, 10:05 PM IST

पुणे के प्रसिद्ध बी. जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (बीजेएमसी) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का 19 वर्षीय छात्र तन्मय अजयकुमार वंगे (निवासी पेठवडगांव, कोल्हापुर) पिछले दो हफ्तों से (18 जुलाई 2026 से) संदिग्ध परिस्थितियों में बेपत्ता है। छात्र के पिता अजयकुमार वंगे ने खराड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि हॉस्टल में सहपाठियों द्वारा ग्रामीण पृष्ठभूमि को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना (रैगिंग) से परेशान होकर तन्मय गायब हुआ है।
- घटना की तारीख और स्थिति: तन्मय 18 जुलाई 2026 को पुणे स्थित हॉस्टल से यह कहकर निकला था कि वह रिश्तेदार से मिलने जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में उसे पुणे रेलवे स्टेशन से सोलापुर जाने वाली ट्रेन में सवार होते देखा गया, जिसके बाद लोणी कालभोर के पास उसका मोबाइल लोकेशन बंद हो गया।
- परिवार के आरोप: परिजनों का आरोप है कि नीट में 550 अंक लाकर मेरिट पर दाखिला लेने वाले तन्मय को उसके सहपाठियों द्वारा "ग्रामीण क्षेत्र का" कहकर चिढ़ाया जाता था और अवांछित टास्क दिए जाते थे।
- कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया: बी. जे. मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. एकनाथ पवार के अनुसार, संस्थान की आंतरिक एंटी-रैगिंग समिति और जांच दल ने शुरुआती जांच की है, जिसमें अब तक रैगिंग या प्रताड़ना का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है।
- पुलिस कार्रवाई: खराड़ी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुणे के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप के बाद प्रथम वर्ष का छात्र 15 दिनों से बेपत्ता
पुणे: पुणे के प्रतिष्ठित बी. जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का 19 वर्षीय छात्र तन्मय अजयकुमार वंगे पिछले 15 दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में बेपत्ता है, जिसके बाद उसके पिता ने सहपाठियों पर गंभीर रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुणे के खराड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा, ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के साथ होने वाले भेदभाव और एंटी-रैगिंग व्यवस्था की प्रभावकारिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में मानसिक दबाव और उत्पीड़न के कारण छात्रों का गायब होना या पढ़ाई छोड़ना एक अत्यंत चिंताजनक विषय बन चुका है।
कोल्हापुर जिले के हातकणंगले तहसील अंतर्गत पेठवडगांव के रहने वाले तन्मय वंगे ने नीट परीक्षा में 550 अंक प्राप्त कर मेरिट के आधार पर बी. जे. मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। परिजनों के अनुसार, कॉलेज शुरू होने के बाद से ही सहपाठियों का एक समूह उसे उसकी ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारण "तू देहात का है, तुझे क्या समझ आता है" जैसी अपमानजनक बातें कहकर प्रताड़ित कर रहा था। इसके अलावा उसे लड़कियों को प्रपोज करने जैसे जाचक टास्क दिए जा रहे थे और रिश्तेदारों के निधन के कारण छूटे हुए सिलेबस को लेकर ब्लैकमेल भी किया जा रहा था।
सतत मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर तन्मय 18 जुलाई को हॉस्टल छोड़कर निकल गया। जांच के दौरान पुणे स्टेशन से हुतात्मा एक्सप्रेस में उसके सवार होने के प्रमाण मिले हैं, जबकि लोणी कालभोर के पास उसकी अंतिम मोबाइल लोकेशन पाई गई। छात्र के अचानक गायब होने से परिवार गहरे सदमे में है और उसकी मां की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
पीड़ित छात्र के पिता अजयकुमार वंगे ने कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा, "मेरे बेटे को ग्रामीण क्षेत्र से आने के कारण लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 15 दिन बीत जाने के बाद भी मेरा बेटा नहीं मिला है और कॉलेज प्रशासन से कोई अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। मुझे मेरा तन्मय सुरक्षित वापस चाहिए।"
दूसरी ओर, बी. जे. मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. एकनाथ पवार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "परिवार की शिकायत के बाद हमने मामले को तुरंत एंटी-रैगिंग समिति के पास भेजा था। चार सदस्यीय जांच समिति ने गहन पूछताछ की, लेकिन तन्मय के साथ सहपाठियों द्वारा रैगिंग या उत्पीड़न का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। कॉलेज में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए छात्र मानस सेल भी कार्यरत है। फिलहाल पुलिस के साथ मिलकर छात्र की तलाश की जा रही है।"
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस की टीमें और रेलवे पुलिस छात्र का पता लगाने के लिए संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
