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Infosys पर फ्रांस में 2 करोड़ का जुर्माना, टाइम ट्रैकिंग सिस्टम पर कार्रवाई l

भारत की प्रमुख आईटी कंपनी Infosys पर फ्रांस की लेबर अथॉरिटी ने 1,75,000 यूरो यानी करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कर्मचारियों के काम के घंटों की निगरानी और रिकॉर्डिंग से जुड़े सिस्टम में कथित खामियों को लेकर की गई है। फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार कंपनी का टाइम ट्रैकिंग सिस्टम वहां के श्रम कानूनों की कुछ जरूरी शर्तों को पूरा नहीं कर रहा था। वहीं, Infosys ने कहा है कि वह मामले की समीक्षा कर रही है और जुर्माने का कंपनी के कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Kashish Rai03 अग. 2026, 05:46 PM IST
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Infosys पर फ्रांस में 2 करोड़ का जुर्माना, टाइम ट्रैकिंग सिस्टम पर कार्रवाई l

भारत की दिग्गज आईटी कंपनी Infosys पर फ्रांस में कर्मचारियों के काम के घंटों की निगरानी से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया गया है। फ्रांस की सरकारी लेबर अथॉरिटी DRIEETS Île-de-France ने कंपनी पर 1,75,000 यूरो का जुर्माना लगाया है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 2 करोड़ रुपये बैठता है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे फ्रांसीसी लेबर अथॉरिटी की ओर से जुर्माने की वसूली का नोटिस मिला है। यह मामला कंपनी के उस सिस्टम से जुड़ा है, जिसके जरिए कर्मचारियों के काम करने के घंटों को रिकॉर्ड और मॉनिटर किया जाता है।

फ्रांसीसी अधिकारियों की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि Infosys का टाइम ट्रैकिंग सिस्टम वहां लागू श्रम कानूनों की सभी आवश्यक शर्तों के अनुरूप नहीं था। अधिकारियों ने सिस्टम की विश्वसनीयता, रिकॉर्ड की जांच और कर्मचारियों के वास्तविक काम के घंटों की निगरानी से संबंधित कमियों की ओर इशारा किया है।


दरअसल, फ्रांस में कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम और आराम की अवधि को लेकर सख्त श्रम नियम लागू हैं। कंपनियों के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि कर्मचारियों के काम करने के समय का सही और विश्वसनीय रिकॉर्ड रखा जाए। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक काम करता है, तो उससे जुड़े नियमों और भुगतान की व्यवस्था का पालन करना भी जरूरी है।

ऐसे मामलों में टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इसी रिकॉर्ड के आधार पर यह तय किया जाता है कि कर्मचारी ने कितने घंटे काम किया और क्या उसने निर्धारित सीमा से अधिक समय तक काम किया। फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, Infosys के सिस्टम में इसी तरह की निगरानी और रिकॉर्डिंग को लेकर कमियां पाई गईं।


हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि फ्रांसीसी जांच में Infosys के कितने कर्मचारी सीधे तौर पर प्रभावित हुए। साथ ही, अधिकारियों की ओर से यह भी नहीं बताया गया है कि सिस्टम में किस स्तर पर तकनीकी या प्रक्रियागत खामी पाई गई थी।

Infosys ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी इस मामले की समीक्षा कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाएगी। कंपनी का कहना है कि लगाए गए जुर्माने का उसके कारोबार, रोजमर्रा के संचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में भी इस बात को स्पष्ट किया है।


यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारत में भी Infosys की कर्मचारियों से जुड़ी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा होती रही है। हाल के महीनों में कंपनी के ऑफिस से काम करने और कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़े नियमों पर भी बहस हुई है। हालांकि, फ्रांस में लगाया गया यह जुर्माना वर्क फ्रॉम होम या ऑफिस अटेंडेंस से संबंधित नहीं है। इसकी वजह कर्मचारियों के काम के घंटों को रिकॉर्ड करने वाले सिस्टम में पाई गई कथित कमियां हैं। फ्रांस में श्रम कानूनों के तहत कंपनियों के लिए कर्मचारियों के काम के समय का सटीक रिकॉर्ड रखना बेहद अहम है। इसमें नियमित काम के घंटों के साथ-साथ ओवरटाइम और आराम की अवधि की निगरानी भी शामिल है। ऐसे रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। अब Infosys इस मामले की समीक्षा कर रही है। कंपनी की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया और फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ कार्रवाई के बाद इस मामले में अगला कदम स्पष्ट होगा। फिलहाल कंपनी ने संकेत दिया है कि जुर्माने की राशि उसके वित्तीय प्रदर्शन या कारोबार पर कोई बड़ा असर डालने वाली नहीं है।