झारखंड के खूंटी जिले से मॉब लिंचिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। मुरहू थाना क्षेत्र के बिंदादिरी गांव में बकरी चोरी के शक में ग्रामीणों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना में एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल घटना में शामिल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, रविवार देर रात एक कार में सवार होकर चार लोग बिंदादिरी गांव पहुंचे थे। देर रात गांव में कार सवार लोगों को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ कि ये लोग बकरियां चोरी करने के इरादे से आए हैं। ग्रामीणों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो कार सवार युवकों ने वहां से भागने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने पीछा कर दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो अन्य साथी कार लेकर मौके से फरार हो गए। दोनों युवकों के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने दोनों को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद मुरहू थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगी। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक युवक ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान दिलदार अंसारी (35) के रूप में हुई है। वह गुमला जिले के सिसई का रहने वाला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, दूसरे घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस उसके बयान के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
खूंटी के अनुमंडल SDPO मंगल सिंह जामूड़ा ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, घायल युवक के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। जांच में पुलिस उन दो युवकों की तलाश कर रही है, जो घटना के दौरान कार लेकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस कार की भी तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों युवक आखिर गांव में किस मकसद से पहुंचे थे। इस मामले में पुलिस ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जिन लोगों ने दोनों युवकों को पकड़कर कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीटा, उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी का शक होने पर भी किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेकर सजा देने का अधिकार नहीं है। इसलिए मारपीट में शामिल ग्रामीणों के खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में बकरी चोरी की कोई कोशिश हुई थी या केवल शक के आधार पर युवकों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा फरार दोनों युवकों और मृतक तथा घायल युवक के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है। मामले में फरार युवकों और भीड़ में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने की बात कही गई है।