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लखनऊ में 16 वर्षीय किशोरी से दरिंदगी: 70 वर्षीय बुजुर्ग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार l
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने का अत्यंत दर्दनाक मामला सामने आया है। इस पूरी वारदात का मुख्य आरोपी 70 वर्षीय बुजुर्ग द्वारिका रैदास है, जिसने पीजीआई इलाके के एक होटल के कमरे में किशोरी को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस घिनौनी साजिश में दो दंपत्ति दुर्गेश और उसकी पत्नी खुशबू तथा विनोद रावत और उसकी पत्नी राबिया भी पूरी तरह शामिल थे, जिन्होंने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया और फिर मुख्य आरोपी को सौंप दिया। डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने किसान पथ के पास पूरनपुर गांव से घेराबंदी करके सभी पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास और दुर्गेश रावत का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।

राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है। यहाँ एक 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और फिर योजनाबद्ध तरीके से एक होटल के कमरे में 70 वर्षीय बुजुर्ग के हवाले कर दिया गया, जहाँ आरोपी ने तीन दिनों तक उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बुजुर्ग, वारदात में शामिल दो महिलाओं और उनके पतियों समेत कुल पांचों आरोपियों को धर दबोचा और उन्हें जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब 24 जुलाई को पीड़िता की भाभी ने मोहनलालगंज थाने में अपनी 16 वर्षीय ननद की गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार किशोरी 17 जुलाई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थी। काफी छानबीन के बाद परिजनों को जानकारी मिली कि दुर्गेश और उसकी पत्नी खुशबू किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए थे। जब परिजन वहाँ पहुँचे और किशोरी को अपने साथ ले आए, तब पीड़िता ने अपने साथ हुई भयावह आपबीती बताई, जिसे सुनकर परिजनों के साथ-साथ पुलिस महकमे के भी होश उड़ गए।
पुलिस की गहन तफ्तीश में सामने आया कि दुर्गेश और खुशबू के चंगुल से निकलने के बाद किशोरी को राबिया और उसका पति विनोद रावत मोटरसाइकिल पर बैठाकर पीजीआई क्षेत्र के एक होटल में ले गए थे। होटल के कमरे में राबिया ने अपने 70 वर्षीय परिचित द्वारिका रैदास को बुलाया, जिसके बाद द्वारिका रैदास ने किशोरी को बंधक बनाकर तीन दिनों तक उसकी अस्मत लूटी। इस दौरान बाकी चारों आरोपी बाहर रहकर लगातार निगरानी कर रहे थे और इस घिनौने अपराध में मुख्य आरोपी की मदद कर रहे थे। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर किसान पथ के पास पूरनपुर गांव से घेराबंदी करके सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक ने बताया कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी, जिसमें दुर्गेश, उसकी पत्नी खुशबू, विनोद और उसकी पत्नी राबिया ने मिलकर नाबालिग को अगवा किया, अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा और फिर मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास के सुपुर्द कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास और आरोपी दुर्गेश रावत के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
