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2 साल तक ‘ऑस्ट्रेलिया में है’ कहकर छिपाई सच्चाई, जमनगर में ड्रिश्यम जैसी हत्या का खुलासा l
गुजरात के जामनगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को करीब दो साल तक लापता दिखाया गया और परिवार को यह विश्वास दिलाया गया कि वह ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहा है। लेकिन सच्चाई तब सामने आई जब परिजनों को शक हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पता चला कि व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी और उसके शव को फैक्ट्री परिसर में जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से कंक्रीट डाल दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची और हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फॉरेंसिक टीम अवशेषों की पहचान में जुटी है।

गुजरात के जामनगर से एक बेहद सनसनीखेज और फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी से मिलती-जुलती वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस मामले में एक व्यक्ति को करीब दो वर्षों तक लापता बताया गया और उसके परिवार को यह विश्वास दिलाया गया कि वह ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो यह एक सोची-समझी हत्या और धोखे की कहानी निकली। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जिग्नेश मवाडिया के रूप में हुई है। उसकी पत्नी पृथ्वी उर्फ भूमिबेन ने परिजनों को लगातार यह बताया कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहा है और उसके नियोक्ता ने फोन पर बात करने की अनुमति नहीं दी है। लंबे समय तक यह कहानी चलती रही, लेकिन जब परिवार के एक सदस्य ने ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना बनाई और जिग्नेश का पता और संपर्क विवरण मांगा, तो पत्नी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। इससे परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिसके बाद एक फैक्ट्री परिसर में खुदाई की गई। वहां करीब 12 फीट गहराई में जमीन के नीचे दबे हुए कंकाल जैसे अवशेष बरामद हुए। इन अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उनकी पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पत्नी ने अपने कथित प्रेमी नीलेश कच्छटिया और उसके एक साथी बलवीर वर्मा के साथ मिलकर जिग्नेश की हत्या की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि मई 2024 में जिग्नेश को एक औद्योगिक शेड में बुलाया गया, जहां उसे जहरीला पदार्थ मिलाकर पेय पिलाया गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई और आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया और ऊपर से मोटी कंक्रीट की परत डाल दी, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर घटनास्थल का पुनर्निर्माण भी कराया, जिसके बाद खुदाई कर शव के अवशेष बरामद किए गए। इस पूरे ऑपरेशन में भारी उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा, क्योंकि शव को कंक्रीट के नीचे छिपाया गया था। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कोई शामिल तो नहीं था और हत्या के पीछे के वास्तविक कारण क्या थे। यह मामला न केवल एक गंभीर आपराधिक साजिश को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह लंबे समय तक झूठ बोलकर सच्चाई को छिपाया जा सकता है। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
