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शादी के नाम पर ठगी: फर्जी दुल्हन गैंग ने युवक को लगाया लाखों का चूना l
गुजरात के भावनगर के एक 31 वर्षीय युवक के साथ नागपुर में शादी के नाम पर सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है। युवक लंबे समय से शादी के लिए लड़की तलाश रहा था, तभी एक परिचित के जरिए उसे नागपुर बुलाया गया और एक युवती से मिलवाया गया। बातचीत के बाद शादी लगभग तय हो गई, लेकिन इसके बदले युवक से ₹70 हजार नकद और सोने-चांदी के गहने लिए गए। शादी के दिन मंदिर में अचानक एक व्यक्ति के आकर खुद को युवती का पति बताने से हंगामा खड़ा हुआ और इसी अफरा-तफरी में पूरा गैंग फरार हो गया। बाद में जांच में सामने आया कि यह एक संगठित फर्जी दुल्हन गिरोह है, जो शादी का झांसा देकर लोगों को लूटता है। पुलिस ने इस मामले में कथित मास्टरमाइंड रानी उर्फ कोमल पांडे को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के नाम पर एक संगठित गिरोह द्वारा ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में गुजरात के भावनगर निवासी 31 वर्षीय युवक को निशाना बनाया गया, जो काफी समय से शादी के लिए उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश कर रहा था। जानकारी के अनुसार, युवक ने अपनी इस समस्या को हल करने के लिए नागपुर में रहने वाले एक परिचित से मदद मांगी थी। कुछ समय बाद उस परिचित ने युवक को फोन कर बताया कि एक लड़की मिल गई है और उससे मिलने के लिए उसे नागपुर आना होगा। शादी की उम्मीद में युवक बिना किसी शक के नागपुर पहुंच गया।
नागपुर पहुंचने पर उसकी मुलाकात रानी उर्फ कोमल पांडे नाम की महिला से कराई गई, जिसने खुद को लड़की के परिवार से जुड़ा बताया। रानी ने युवक को एक युवती की तस्वीर दिखाई, जिसका नाम नम्रता मालवीय बताया गया। फोटो पसंद आने के बाद युवक को नागपुर के कोराडी इलाके में एक घर ले जाया गया, जहां उसकी मुलाकात नम्रता से कराई गई। घर पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जो खुद को नम्रता के रिश्तेदार बता रहे थे। बातचीत का माहौल ऐसा बनाया गया कि युवक को किसी तरह का शक न हो। दोनों पक्षों के बीच शादी की बातचीत आगे बढ़ी और जल्द ही रिश्ता लगभग तय कर दिया गया।
इसके बाद गिरोह ने अपने प्लान के अगले चरण को अंजाम देना शुरू किया। युवक से कहा गया कि शादी की तैयारियों और अन्य खर्चों के लिए ₹70 हजार की जरूरत होगी, साथ ही दुल्हन के लिए सोने-चांदी के गहनों की व्यवस्था भी करनी होगी। शादी की जल्दी और विश्वास के माहौल में युवक ने बिना ज्यादा सोच-विचार किए एटीएम से ₹70 हजार निकालकर दे दिए और गहनों की भी व्यवस्था कर दी।
गिरोह ने शादी का स्थान भी बदल दिया और बताया कि समारोह कोराडी में नहीं, बल्कि नागपुर के सीताबर्डी इलाके के एक मंदिर में होगा। तय दिन और समय पर युवक पूरी तैयारी के साथ मंदिर पहुंच गया। उसे विश्वास था कि अब शादी की रस्में शुरू होने वाली हैं और उसकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू होगा।
लेकिन ठीक उसी समय इस पूरे प्लान का सबसे अहम हिस्सा सामने आया। अचानक एक व्यक्ति मंदिर में पहुंचा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि नम्रता उसकी पत्नी है और वह दूसरी शादी नहीं कर सकती। इस आरोप के बाद मंदिर परिसर में हंगामा मच गया। युवक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही माहौल पूरी तरह बिगड़ गया और इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर पूरा गिरोह मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद युवक को एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित ठगी का शिकार बन चुका है। उसने तुरंत नागपुर के तहसील पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जल्द ही इस गिरोह की परतें खुलने लगीं।
जांच में सामने आया कि नम्रता मालवीय पहले भी इसी तरह के शादी के नाम पर ठगी के मामलों में शामिल रह चुकी है और उसे पहले गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा, इस पूरे रैकेट की कथित मास्टरमाइंड रानी उर्फ कोमल पांडे निकली, जिसे पुलिस ने पाचपावली इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से काम करता था। पहले किसी ऐसे युवक को टारगेट किया जाता था जो शादी के लिए परेशान हो, फिर उसे भरोसे में लेने के लिए फोटो और मुलाकात कराई जाती थी। इसके बाद शादी का माहौल बनाकर उससे पैसे और गहने लिए जाते थे और अंत में किसी बहाने या ड्रामे के जरिए पूरा गैंग फरार हो जाता था।
फिलहाल पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है। यह मामला न केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी की घटना है, बल्कि यह समाज में सक्रिय उन संगठित गिरोहों की गंभीर समस्या को भी उजागर करता है, जो लोगों की भावनाओं और जरूरतों का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम देते हैं।
