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META की AI रणनीति पर सवाल: 8,000 कर्मचारियों की छंटनी, 130 अरब डॉलर निवेश और फिर “नई नौकरियों” का दावा

Meta की AI रणनीति एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की, 6,000 खाली पदों को भरने की योजना रोकी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 130 अरब डॉलर से अधिक निवेश का संकेत दिया। बाद में Mark Zuckerberg ने कहा कि AI नई नौकरियां भी बना रहा है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें बताती हैं कि तस्वीर इससे कहीं अधिक जटिल है।

Kalpana Gautam03 अग. 2026, 10:29 PM IST
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META की AI रणनीति पर सवाल: 8,000 कर्मचारियों की छंटनी, 130 अरब डॉलर निवेश और फिर “नई नौकरियों” का दावा
Meta की AI रणनीति एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की, 6,000 खाली पदों को भरने की योजना रोकी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 130 अरब डॉलर से अधिक निवेश का संकेत दिया। बाद में Mark Zuckerberg ने कहा कि AI नई नौकरियां भी बना रहा है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें बताती हैं कि तस्वीर इससे कहीं अधिक जटिल है।

रिपोर्टों के अनुसार Meta ने 2026 में अपनी AI-first रणनीति के तहत करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया, जो कंपनी की लगभग 10% कार्यबल कटौती थी। साथ ही, करीब 7,000 कर्मचारियों को AI से जुड़ी नई भूमिकाओं में शिफ्ट किया गया। कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि Meta का 2026 का पूंजीगत खर्च 125 अरब से 145 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है, जो AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश को दिखाता है।


लेकिन बाद में जुलाई 2026 की एक आंतरिक टाउन हॉल मीटिंग में Zuckerberg ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि AI agents “उम्मीद के मुताबिक तेजी से” आगे नहीं बढ़े। Reuters-आधारित रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का नया AI-फोकस्ड ढांचा उतनी “cleanly” काम नहीं कर पाया, जितनी आशा थी। यानी, बड़े निवेश और छंटनी के बावजूद AI का असर अभी भी सीमित और धीरे-धीरे सामने आ रहा है।


इसी पृष्ठभूमि में यह दावा करना कि “AI ने बहुत सारी नौकरियां बनाई हैं”, पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। हकीकत यह है कि AI ने कुछ नई भूमिकाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर-सम्बंधित काम जरूर बढ़ाए हैं, लेकिन इसके साथ बड़ी संख्या में पारंपरिक नौकरियों की कटौती भी हुई है। इसलिए यह खबर अधिकतर “जॉब क्रिएशन” नहीं, बल्कि “वर्कफोर्स री-स्ट्रक्चरिंग” की कहानी लगती है।