crime

पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश… और फिर हुआ खौफनाक अंत l

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उसे साहिबगंज जेल से धनबाद शिफ्ट करते समय उसने भागने की कोशिश की, एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

Kashish Rai05 अग. 2026, 04:43 PM IST
खबर शेयर करें:
पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश… और फिर हुआ खौफनाक अंत l

झारखंड में रविवार देर रात एक हाई-वोल्टेज पुलिस ऑपरेशन के दौरान राज्य के मोस्ट वांटेड और कुख्यात गैंगस्टरों में शामिल सुजीत सिन्हा का अंत हो गया। यह घटना जामताड़ा जिले के पास उस समय हुई, जब पुलिस उसे साहिबगंज मंडल कारागार से धनबाद जेल शिफ्ट कर रही थी। इस दौरान जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा के बीच ले जाए जा रहे सुजीत सिन्हा ने जामताड़ा सीमा के पास अचानक शौच जाने की बात कही। पुलिस ने जैसे ही वाहन रोका, उसने मौके का फायदा उठाते हुए एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। इससे पहले कि पुलिस कुछ समझ पाती, उसने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश शुरू कर दी।


बताया जा रहा है कि राइफल छीनने के बाद उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुई इस घटना से पुलिस टीम सतर्क हो गई और स्थिति को काबू में करने के लिए तुरंत जवाबी कार्रवाई की गई। इसी दौरान मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल हालत में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।


वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि आरोपी ने राइफल कैसे छीनी और सुरक्षा में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में गिना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अवैध वसूली, हथियार तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। लंबे समय से वह पुलिस की निगरानी में था और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।


हाल ही में सुरक्षा कारणों के चलते उसे एक जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा रहा था, लेकिन इसी दौरान उसने फरार होने की कोशिश की, जो आखिरकार उसकी मौत का कारण बन गई।

इस घटना के बाद झारखंड में कानून-व्यवस्था और पुलिस ऑपरेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत बनाने की जरूरत है।