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एक लाख का इनामी फुरकान ढेर! कैराना पलायन से जुड़े कुख्यात बदमाश का पुलिस ने किया एनकाउंटर
करीब दो दशक तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का पर्याय रहा और कैराना पलायन विवाद से राष्ट्रीय सुर्खियों में आया कुख्यात बदमाश फुरकान आखिरकार पुलिस की गोली का शिकार हो गया। शामली पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को एक लाख रुपये के इस इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। वर्ष 2014 के चर्चित कारोबारी विनोद सिंघल हत्याकांड का मुख्य आरोपी फुरकान हत्या, रंगदारी और लूट समेत करीब 30 आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके एनकाउंटर के साथ पश्चिमी यूपी के सबसे चर्चित अपराध अध्यायों में से एक का अंत माना जा रहा है।

शामली/लखनऊ, 5 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार, 5 अगस्त 2026 को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश फुरकान को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। फुरकान वर्ष 2014 में कारोबारी विनोद सिंघल की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी था। इसी हत्याकांड के बाद कैराना से कथित पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। पुलिस के अनुसार, फुरकान के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह पिछले लगभग दो दशकों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय कुख्यात अपराधियों में शामिल था।
कौन था फुरकान?
फुरकान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना और आसपास के इलाकों में लंबे समय से आतंक का पर्याय माना जाता था। पुलिस के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले मुकीम काला गैंग और फुरकान गैंग का इलाके में दबदबा था। समय के साथ मुकीम काला गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया, लेकिन फुरकान लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 30 मामले दर्ज थे। उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
ऐसे हुआ एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक बुधवार दोपहर सूचना मिली कि फुरकान अपने एक साथी के साथ झिंझाना थाना क्षेत्र के रंगाना फार्म के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में फुरकान गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। घायल फुरकान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम के एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी सूचना है। पुलिस ने मौके से एक कार्बाइन, 9 एमएम पिस्टल, 19 कारतूस, 10 खोखे और बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
दो बार जेल गया, जमानत पर बाहर आते ही फिर हुआ सक्रिय
पुलिस के अनुसार, फुरकान को पहले भी दो बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। करीब चार-पांच महीने पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसका नाम कैराना और कांधला क्षेत्र में लूट, हत्या के प्रयास और व्यापारियों से रंगदारी मांगने की घटनाओं में फिर सामने आने लगा। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2017 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। वर्ष 2021 में योगी आदित्यनाथ सरकार के अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान कथित एनकाउंटर के डर से उसने स्वयं अपनी जमानत तुड़वाकर जेल जाना बेहतर समझा था। कुछ समय बाद वह फिर जमानत पर बाहर आया और दोबारा आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
2014 के विनोद सिंघल हत्याकांड से देशभर में आया था चर्चा में
फुरकान का नाम सबसे ज्यादा वर्ष 2014 में कारोबारी विनोद सिंघल की दिनदहाड़े हत्या के बाद चर्चा में आया। पुलिस का आरोप है कि रंगदारी नहीं देने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद कैराना के व्यापारियों में दहशत फैल गई और कई दिनों तक बाजार बंद रहे। बाद में कैराना से कथित पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का विषय बन गया।
वर्ष 2016 में तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 316 परिवारों के कथित पलायन की सूची जारी करते हुए इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। इसके बाद फुरकान का नाम इस पूरे विवाद के प्रमुख आरोपियों में शामिल किया जाने लगा।
रोहताश हत्याकांड से भी जुड़ा था नाम
पुलिस के अनुसार, कारोबारी रोहताश की करीब 20 वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में भी फुरकान का नाम सामने आया था। इसके बाद वर्ष 2014 के विनोद सिंघल हत्याकांड ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया। पुलिस का दावा है कि कैराना क्षेत्र में व्यापारियों से रंगदारी वसूलना, धमकी देना और भय का माहौल बनाना उसकी आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा था।
गवाहों को भी देता था धमकी
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, विनोद सिंघल हत्याकांड की पैरवी कर रहे परिजनों और गवाहों को भी फुरकान लगातार डरा-धमका रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से कई गवाह लंबे समय तक भय के माहौल में रहे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
