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प्रतापगढ़ में भीषण हादसा: 100 साल पुराना मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत l

प्रतापगढ़ के महुली मोहल्ले में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां लगभग 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। इस हादसे के समय पूरा परिवार घर के अंदर मौजूद था और एक ही कमरे में सो रहा था। मकान गिरने से सभी लोग मलबे में दब गए l इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।

sd06 अग. 2026, 01:55 PM IST
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प्रतापगढ़ में भीषण हादसा: 100 साल पुराना मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत l

प्रतापगढ़ में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में लगातार हो रही बारिश के बीच लगभग 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय एक ही परिवार के सात लोग घर के अंदर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। इस भयावह दुर्घटना में माता-पिता, बेटा, बहू और दो मासूम बच्चों समेत कुल 6 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश और उमस के कारण पूरा परिवार एक ही कमरे में एसी चलाकर सो रहा था। इसी दौरान जर्जर मकान अचानक ढह गया और सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंच गए। सूचना मिलते ही सीओ सहित भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबा हटाकर सभी लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक छह लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।


इस हादसे के बाद पूरे महुली मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग इस घटना से बेहद आहत हैं और प्रशासन से जर्जर मकानों की समय रहते पहचान और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में मौजूद जर्जर मकानों का तत्काल सर्वे कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस हादसे पर चिंता जताई है और प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के मौसम में ऐसे जर्जर भवनों पर पहले से ध्यान देना बेहद जरूरी है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े। फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शहरों और कस्बों में मौजूद पुराने और जर्जर मकानों की समय पर पहचान और मरम्मत या ध्वस्तीकरण क्यों नहीं हो पाता।