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जमीन बेचने के नाम पर 54.47 लाख की कथित ठगी, पिता-पुत्रों पर FIR

लखनऊ के काकोरी में जमीन बेचने के नाम पर 54.47 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार भुगतान लेने के बाद पता चला कि जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Neha Sharma06 अग. 2026, 03:04 PM IST
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जमीन बेचने के नाम पर 54.47 लाख की कथित ठगी, पिता-पुत्रों पर FIR
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में जमीन के सौदे से जुड़ी एक बड़ी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि बिजनौर के रहने वाले पिता और उनके दो बेटों ने जमीन बेचने का झांसा देकर उनसे 54.47 लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेची जा चुकी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता अल्दीप कुमार, निवासी मोंदा गांव, काकोरी, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2021 में बिजनौर के मखदूमपुर निवासी मरखजीत और उनके दो बेटों मनेंद्र तथा रूपेंद्र ने उन्हें एक जमीन दिखाई। आरोपियों ने दावा किया कि जमीन पूरी तरह वैध है और बिक्री के लिए उपलब्ध है।
जमीन पसंद आने के बाद दोनों पक्षों के बीच सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने 13 मई 2021 से 13 अक्टूबर 2021 के बीच अलग-अलग किस्तों में चेक के माध्यम से कुल 54.47 लाख रुपये का भुगतान किया।

कैसे सामने आई कथित धोखाधड़ी?
भुगतान करने के बाद जब शिकायतकर्ता ने जमीन अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू की, तब उन्हें जानकारी मिली कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी है। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर पैसे वापस मांगने और मामले का समाधान करने की कोशिश की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय लगातार टालमटोल की और कथित रूप से धमकियां भी दीं।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद डीसीपी पश्चिम के निर्देश पर काकोरी पुलिस ने पिता और दोनों बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
  • जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
  • भुगतान से संबंधित बैंक रिकॉर्ड और चेक की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • यह भी जांच होगी कि जमीन पहले किसे और कब बेची गई थी।
  • जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है?
यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी संपत्ति को बेचने का दावा करता है जो पहले ही किसी अन्य के नाम हस्तांतरित हो चुकी हो, या जानबूझकर गलत जानकारी देकर धन लेता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है।

विशेषज्ञों की सलाह
  • जमीन के स्वामित्व (Ownership) की जांच करें।
  • रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन कराएं।
  • एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate) देखें।
  • भुगतान केवल कानूनी दस्तावेज पूरे होने के बाद करें।
  • किसी भी सौदे से पहले संपत्ति विशेषज्ञ या वकील से सलाह लें।

यह मामला संपत्ति खरीदते समय दस्तावेजों की पूरी जांच और कानूनी सत्यापन के महत्व को एक बार फिर सामने लाता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं। जब तक अदालत या जांच एजेंसी अंतिम निष्कर्ष नहीं देती, तब तक सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।