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₹2000 करोड़ कफ सिरप सिंडिकेट: दुबई कनेक्शन से जांच में बड़ा खुलासा
कफ सिरप तस्करी मामले में फरार आरोपी शुभम जायसवाल के दुबई में होटल व्यवसाय से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय जांच एजेंसियां इंटरपोल और दुबई प्रशासन के सहयोग से उसकी गिरफ्तारी और भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं।
Neha Sharma06 अग. 2026, 04:26 PM IST

वाराणसी: कफ सिरप तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे कारोबारी शुभम जायसवाल को लेकर जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले कई वर्षों से दुबई में रहकर होटल व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद भारतीय एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुभम जायसवाल पर अवैध तरीके से कफ सिरप की तस्करी कर एक बड़े नेटवर्क का संचालन करने का आरोप है। इस नेटवर्क के माध्यम से प्रतिबंधित दवाओं की नेपाल और बांग्लादेश सहित कई क्षेत्रों में आपूर्ति किए जाने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस अवैध कारोबार का वित्तीय लेन-देन हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसकी विभिन्न एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शुभम जायसवाल लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहले से जारी है और उसे भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार ने संबंधित माध्यमों से दुबई प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि आरोपी को कानून के दायरे में लाया जा सके।
जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि शुभम जायसवाल दुबई में एक प्रतिष्ठित होटल चेन के साथ साझेदारी के आधार पर होटल का संचालन कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसने गोल्डन वीजा के माध्यम से वहां लंबे समय के लिए निवास की अनुमति भी प्राप्त कर रखी है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
केंद्रीय जांच एजेंसियां मामले के वित्तीय पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग किन-किन व्यवसायों में किया गया और क्या विदेशों में निवेश के माध्यम से धन को छिपाने का प्रयास किया गया। इसके लिए विभिन्न वित्तीय दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत भारतीय एजेंसियों ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक दस्तावेज तैयार कर संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विदेशी प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। यदि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं, तो आरोपी को भारत लाकर उससे पूछताछ की जा सकती है। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और आने वाले समय में कई नए खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला केवल अवैध कफ सिरप तस्करी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके तार संगठित अपराध, आर्थिक अनियमितताओं और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां आधिकारिक रूप से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। दोष सिद्ध होने या न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी आरोपी को कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जाता।
