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“E20 पेट्रोल से पुर्जे खराब? SIAM ने सरकार को चेतावनी दी, फिर पत्र वापस लिया

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने 28 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजे पत्र में दावा किया था कि E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी (Moisture) की अशुद्धियों के कारण फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप, EGR वाल्व, एग्जॉस्ट और ईंधन व इंजन गैसों के संपर्क में आने वाले अन्य पुर्जों में खराबी और रिप्लेसमेंट के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि 4 अगस्त को SIAM ने यह कहते हुए पत्र वापस ले लिया कि उसमें दिए गए कुछ आंकड़ों का सत्यापन अभी बाकी है। सरकार और SIAM दोनों का कहना है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

Kalpana Gautam06 अग. 2026, 06:19 PM IST
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“E20 पेट्रोल से पुर्जे खराब? SIAM ने सरकार को चेतावनी दी, फिर पत्र वापस लिया
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने 28 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजे पत्र में दावा किया था कि E20 पेट्रोल में क्लोराइड (Chloride) और नमी (Moisture) की अशुद्धियों के कारण फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप, EGR वाल्व, एग्जॉस्ट और ईंधन व इंजन गैसों के संपर्क में आने वाले अन्य पुर्जों में खराबी और रिप्लेसमेंट के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि 4 अगस्त को SIAM ने यह कहते हुए पत्र वापस ले लिया कि उसमें दिए गए कुछ आंकड़ों का सत्यापन अभी बाकी है। सरकार और SIAM दोनों का कहना है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। 

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देशभर में लागू किए गए E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। 
28 जुलाई को SIAM ने केंद्र सरकार को भेजे अपने पत्र में कहा था कि उसके सदस्य वाहन निर्माताओं ने ग्राहकों की गाड़ियों में फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप, EGR वाल्व, एग्जॉस्ट तथा ईंधन और इंजन उत्सर्जन गैसों के सीधे संपर्क में आने वाले अन्य पुर्जों की खराबी और रिप्लेसमेंट के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी है।

पत्र के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इन समस्याओं का संबंध E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की अधिक मात्रा से होने वाले Corrosion (जंग) और Wear (घिसाव) से जोड़ा गया था। SIAM ने सरकार से ईंधन की गुणवत्ता पर और कड़ी निगरानी तथा गुणवत्ता जांच मजबूत करने की मांग भी की थी। 

हालांकि, यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद 4 अगस्त को SIAM ने एक नया बयान जारी कर कहा कि पत्र में उद्धृत कुछ आंकड़ों का अभी प्रमाणीकरण (Authentication) होना बाकी है। इसलिए संगठन अपना पूर्व पत्र वापस ले रहा है और देशभर से विस्तृत आंकड़े एकत्र कर व्यापक समीक्षा के बाद ही अंतिम निष्कर्ष साझा करेगा। 

सरकार का क्या कहना है?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परीक्षणों में व्यापक स्तर पर ऐसी कोई समस्या प्रमाणित नहीं हुई है। मंत्रालय के अनुसार, हजारों गुणवत्ता परीक्षणों में क्लोराइड संदूषण के बहुत कम मामले मिले हैं और E20 पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर वाहन खराब होने का कोई प्रमाणित साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। 

तथ्य यह है कि:
  • SIAM ने 28 जुलाई को सरकार को ऐसा पत्र भेजा था जिसमें वाहन पुर्जों में बढ़ती खराबियों और क्लोराइड/नमी से जुड़े संभावित कारणों का उल्लेख किया गया था।
  • 4 अगस्त को SIAM ने वही पत्र वापस लेते हुए कहा कि उसमें दिए गए कुछ आंकड़ों का सत्यापन अभी बाकी है।
  • SIAM ने यह नहीं कहा कि समस्या पूरी तरह गलत थी, बल्कि कहा कि अधिक डेटा और विस्तृत अध्ययन के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
  •  सरकार का कहना है कि फिलहाल E20 से व्यापक वाहन क्षति का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।