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बारिश के बीच भी नहीं थमे शिवभक्त, जयकारों से गूंजता रहा हाईवे l
मेरठ में सावन की झमाझम बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़िए ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ लगातार अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे। बारिश, फिसलन और जलभराव जैसी मुश्किलों के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं थमे और आस्था का प्रवाह निरंतर जारी रहा।

मेरठ में सावन के पवित्र महीने के दौरान आस्था और मौसम का अनोखा संगम देखने को मिला। बुधवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार को भी रुक-रुककर जारी रही, लेकिन इसने कांवड़ यात्रा की रफ्तार को जरा भी धीमा नहीं किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हजारों शिवभक्त दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लगातार आगे बढ़ते नजर आए। भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़ियों की लंबी कतारें हाईवे पर दूर-दूर तक दिखाई दीं। कोई पैदल कांवड़ लेकर चल रहा था तो कोई सजी-धजी झांकी कांवड़ के साथ अपनी यात्रा को विशेष बना रहा था। डीजे की धुनों और भक्ति गीतों के बीच ‘बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो गईं और जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे कांवड़ियों को चलने में कठिनाई हुई। इसके बावजूद उनके उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई। भीगे कपड़े, कंधों पर कांवड़ और पैरों में कीचड़ होने के बावजूद शिवभक्त बिना रुके अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे। कई श्रद्धालुओं ने बारिश से बचाव के लिए तिरपाल, प्लास्टिक शीट और पन्नी का सहारा लिया। कुछ जगहों पर कांवड़िए थोड़ी देर विश्राम करते नजर आए, लेकिन जल्द ही वे फिर अपने सफर पर निकल पड़े। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक का उनका संकल्प अटूट है और रास्ते की हर कठिनाई उनके लिए आस्था की परीक्षा के समान है।
हाईवे पर जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविरों में भी बारिश के बीच सेवा कार्य लगातार जारी रहा। यहां श्रद्धालुओं के लिए गर्म चाय, भोजन, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई। कई स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय लोग कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे और भीगकर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग पर शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। बारिश की बूंदें भले ही लगातार गिरती रहीं, लेकिन शिवभक्तों की आस्था और ऊर्जा ने यह साबित कर दिया कि उनके कदम किसी भी परिस्थिति में नहीं रुक सकते।
