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PM-USHA के तहत राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को मिलेगी वित्तीय मदद, नए IIT और यूनिवर्सिटी टाउनशिप पर सरकार का फोकस

देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विश्वविद्यालयों-कॉलेजों की गुणवत्ता सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में शिक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उच्च शिक्षा विभाग के लिए केंद्र सरकार का बजट आवंटन वर्ष 2021-22 के 34,006.39 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 50,747.66 करोड़ रुपये हो गया है।

Vindhya Dubey06 अग. 2026, 08:24 PM IST
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PM-USHA के तहत राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को मिलेगी वित्तीय मदद, नए IIT और यूनिवर्सिटी टाउनशिप पर सरकार का फोकस


शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए उच्च शिक्षा के विकास की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की है। केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहायता बढ़ाकर उच्च शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढांचे, शोध और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है।

पांच वर्षों में लगातार बढ़ा उच्च शिक्षा विभाग का खर्च

उच्च शिक्षा विभाग के वास्तविक व्यय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बजट खर्च में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में उच्च शिक्षा विभाग का कुल व्यय 34,006.39 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 38,994.90 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2023-24 में यह राशि 43,436.11 करोड़ रुपये और 2024-25 में 46,055.44 करोड़ रुपये रही। वर्ष 2025-26 में विभाग का वास्तविक व्यय बढ़कर 50,747.66 करोड़ रुपये पहुंच गया।

PM-USHA से राज्यों के उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूती

केंद्र सरकार राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के तहत राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जून 2023 में RUSA के तीसरे चरण को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के रूप में शुरू किया गया। PM-USHA योजना के लिए वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 12,926.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। अब इस योजना को 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य उन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाना है, जहां अभी तक शैक्षणिक सुविधाएं सीमित हैं। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

कम नामांकन वाले जिलों पर विशेष ध्यान

PM-USHA के तहत सरकार ने ऐसे जिलों को प्राथमिकता दी है, जहां उच्च शिक्षा में भागीदारी कम है। इनमें कम सकल नामांकन अनुपात वाले जिले, महिला शिक्षा में पिछड़े क्षेत्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की कम भागीदारी वाले क्षेत्र, आकांक्षी जिले, सीमावर्ती क्षेत्र और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिले शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराकर उच्च शिक्षा में समान अवसर बढ़ाना है।

स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और रिसर्च लैब को बढ़ावा

PM-USHA योजना के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत-

  • छात्रावासों का निर्माण
  • नए अकादमिक और प्रशासनिक भवनों का निर्माण
  • प्रयोगशालाओं की स्थापना
  • स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब
  • डिजिटल लाइब्रेरी
  • शोध सुविधाओं का विस्तार
  • ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा

जैसी गतिविधियों के लिए सहायता दी जा रही है। इसके अलावा SWAYAM और MOOCs जैसे ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को भी मजबूत किया जा रहा है।

पांच नए IIT के विस्तार पर 11,828 करोड़ रुपये खर्च होंगे

उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पांच नए IIT के विस्तार को मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं-

  • IIT तिरुपति, आंध्र प्रदेश
  • IIT पलक्कड़, केरल
  • IIT भिलाई, छत्तीसगढ़
  • IIT जम्मू, जम्मू-कश्मीर
  • IIT धारवाड़, कर्नाटक

इन संस्थानों में शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए कुल 11,828.79 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे करीब 6,500 अतिरिक्त छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल की योजना

केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। सरकार ने देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य उद्योग और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

राज्यों को PM-USHA और RUSA के तहत जारी हुई सहायता

RUSA और PM-USHA योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता जारी की गई। वर्ष 2021-22 में 249.13 करोड़ रुपये, 2022-23 में 359.50 करोड़ रुपये, 2023-24 में 181.06 करोड़ रुपये, 2024-25 में 350.83 करोड़ रुपये और 2025-26 में 864.25 करोड़ रुपये जारी किए गए। वर्ष 2025-26 में जारी राशि पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक रही।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को बड़ी सहायता

राज्यों में वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश को PM-USHA/RUSA के तहत 98.99 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली, जबकि महाराष्ट्र को 92.49 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अलावा असम को 64.34 करोड़ रुपये, केरल को 42.66 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 41.26 करोड़ रुपये और उत्तराखंड को 41.93 करोड़ रुपये की सहायता मिली।

उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी

केंद्र सरकार का कहना है कि बढ़ते बजट और नई योजनाओं के माध्यम से देश के उच्च शिक्षा संस्थानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। सरकार का फोकस शिक्षा में पहुंच, समानता और गुणवत्ता तीनों को मजबूत करने पर है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को बेहतर अवसर मिल सकें।