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दहीहंडी में गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा, हादसे पर 10 लाख तक मुआवजा l

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दहीहंडी उत्सव (Dahi Handi Festival) 2026 के दौरान मानव पिरामिड (Human Pyramid) बनाने वाले गोविंदा (Govinda) प्रतिभागियों के लिए बीमा सुरक्षा (Insurance Protection) प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत लगभग 1,60,000 गोविंदाओं को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें मृत्यु, अपंगता और इलाज के खर्च तक का कवरेज शामिल है। इस कदम का उद्देश्य उत्सव के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जोखिम को कम करना है।

Kashish Rai07 अग. 2026, 05:14 PM IST
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दहीहंडी में गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा, हादसे पर 10 लाख तक मुआवजा l

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के क्रीड़ा विभाग (Sports Department) ने दहीहंडी उत्सव (Dahi Handi Festival) 2026 के दौरान भाग लेने वाले गोविंदा (Govinda) प्रतिभागियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार, राज्यभर में मानव पिरामिड (Human Pyramid) बनाकर दहीहंडी फोड़ने वाले करीब 1,60,000 गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा (Insurance Protection) प्रदान की जाएगी। यह फैसला हर साल बढ़ती भागीदारी और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है।


सरकार के इस निर्णय के तहत, यदि किसी गोविंदा की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, यदि किसी प्रतिभागी को गंभीर चोट लगती है जैसे दोनों हाथ-पैर या आंखों का नुकसान, तो उसे भी 10 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। आंशिक अपंगता (Partial Disability) की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, दुर्घटना के बाद अस्पताल में इलाज के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक का खर्च भी बीमा के तहत कवर किया जाएगा।


इस योजना को लागू करने के लिए क्रीड़ा व युवक सेवा आयुक्त (Commissioner, Sports and Youth Services) को जिम्मेदारी दी गई है, जो कम प्रीमियम (Premium) वाली सरकारी बीमा कंपनी (Insurance Company) का चयन करेंगे। प्रति गोविंदा लगभग 75 रुपये या उससे कम प्रीमियम तय किया गया है, जिससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम रहे और अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके। इसके साथ ही, महाराष्ट्र राज्य दहीहंडी गोविंदा एसोसिएशन (Maharashtra State Dahi Handi Govinda Association) को प्रतिभागियों का पंजीकरण (Registration) और सत्यापन (Verification) करने की जिम्मेदारी दी गई है। 


केवल उन्हीं गोविंदाओं को बीमा का लाभ मिलेगा, जो प्रशिक्षण (Training) प्राप्त कर चुके हैं, निर्धारित आयु सीमा को पूरा करते हैं और वास्तविक रूप से उत्सव में भाग लेते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीमा सुरक्षा केवल उन्हीं दुर्घटनाओं पर लागू होगी, जो मानव पिरामिड बनाते समय होती हैं। अन्य किसी कारण से हुई दुर्घटनाओं को इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही, आयोजकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना, प्रशासन से अनुमति लेना और प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करना अनिवार्य होगा।


यह निर्णय 6 अगस्त 2026 को जारी किया गया है और इसे महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से दहीहंडी जैसे लोकप्रिय और साहसिक उत्सव को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। इससे प्रतिभागियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और भविष्य में इस परंपरा को और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।