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2021 पोस्ट-पोल हिंसा: अविजीत सरकार हत्याकांड में CBI की बड़ी सफलता, पांच साल से फरार घोषित आरोपी अरूप दास उर्फ बापी दास गुवाहाटी से गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े चर्चित अविजीत सरकार हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने पांच वर्षों से फरार चल रहे और घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) अरूप दास उर्फ बापी दास को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर CBI ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसे 7 अगस्त 2026 को कोलकाता की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।

Priyanka Gaikwad07 अग. 2026, 05:18 PM IST
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2021 पोस्ट-पोल हिंसा: अविजीत सरकार हत्याकांड में CBI की बड़ी सफलता, पांच साल से फरार घोषित आरोपी अरूप दास उर्फ बापी दास गुवाहाटी से गिरफ्तार
नई दिल्ली :  केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) से जुड़े बहुचर्चित अविजीत सरकार हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार घोषित आरोपी अरूप दास उर्फ बापी दास को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार कर लिया है। CBI के अनुसार आरोपी वर्ष 2021 से लगातार फरार था और उसने जांच एजेंसी अथवा अदालत की कार्यवाही में कभी सहयोग नहीं किया। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। CBI ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया था। एजेंसी ने बताया कि मानव स्रोतों (Human Intelligence) से मिली जानकारी और तकनीकी निगरानी (Technical Inputs) के आधार पर आरोपी का ठिकाना पता लगाया गया, जिसके बाद उसे गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया।

2 मई 2021 को हुई थी हत्या : यह मामला 2 मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के दिन कोलकाता के सीतलातला लेन में हुई अविजीत सरकार की कथित हत्या से जुड़ा है। चुनाव परिणाम के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें यह मामला सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा।

हाई कोर्ट के आदेश पर CBI ने संभाली जांच :  कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद CBI ने 25 अगस्त 2021 को नरकेलडांगा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR संख्या 124/2021 को अपने हाथ में लेकर औपचारिक जांच शुरू की। जांच के दौरान CBI ने घटनास्थल का निरीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की।

38 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुका है आरोपपत्र :  जांच पूरी होने के बाद CBI ने वर्ष 2021 और 2025 में इस मामले में आरोपपत्र (Chargesheet) और पूरक आरोपपत्र (Supplementary Chargesheet) दाखिल किए। एजेंसी ने कुल 38 आरोपियों को नामजद किया है। इन आरोपियों में गिरफ्तार आरोपी अरूप दास उर्फ बापी दास के अलावा तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक परेश पाल, तत्कालीन TMC पार्षद स्वपन समद्दार तथा पापिया घोष सहित अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

पांच साल तक गिरफ्तारी से बचता रहा आरोपी :  CBI के अनुसार अरूप दास लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। अदालत द्वारा उसे Proclaimed Offender (घोषित अपराधी) घोषित किया गया था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था। लंबे समय तक फरार रहने के कारण एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था।

7 अगस्त को कोलकाता अदालत में होगी पेशी :  CBI ने बताया कि आरोपी को गुवाहाटी से ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोलकाता लाया जाएगा। इसके बाद 7 अगस्त 2026 को उसे कोलकाता की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए उसकी हिरासत की मांग कर सकती है।

मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन :  CBI द्वारा दाखिल आरोपपत्र के आधार पर यह मामला फिलहाल कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है। अदालत में आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है। माना जा रहा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की सुनवाई और जांच को नई गति मिल सकती है तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।