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यूपी में बनेगी पहली युवा नीति, 16-35 वर्ष के युवाओं की होगी भागीदारी

उत्तर प्रदेश सरकार पहली बार व्यापक युवा नीति बनाने जा रही है। नीति में युवाओं से संवाद के आधार पर शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, AI, स्टार्टअप, खेल और डिजिटल सशक्तिकरण को शामिल किया जाएगा।

Neha Sharma07 अग. 2026, 05:23 PM IST
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यूपी में बनेगी पहली युवा नीति, 16-35 वर्ष के युवाओं की होगी भागीदारी
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के लिए पहली बार एक व्यापक और एकीकृत युवा नीति तैयार करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों, आकांक्षाओं और सुझावों के आधार पर नीति बनाई जाए। इसके लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ आयोग का गठन भी किया जाएगा, जो युवाओं के विकास से जुड़ी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करेगा और सरकार को सुझाव देगा। 

नई युवा नीति का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, डिजिटल सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास, संस्कृति और नवाचार जैसे सभी क्षेत्रों को एक मंच पर लाना है। सरकार चाहती है कि नीति युवाओं के भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार हो, ताकि उन्हें बदलती तकनीकों और रोजगार के अवसरों के अनुरूप तैयार किया जा सके। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाओं को भी नीति का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे युवा रोजगार खोजने के बजाय रोजगार देने वाले बन सकें। 

सरकार खेल अवसंरचना को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है। प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र तथा मंडल स्तर पर हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की योजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन की स्थापना की प्रक्रिया तेज करने और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का विस्तार विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों तक करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। 

सरकार का कहना है कि यह युवा नीति केवल एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक व्यापक रोडमैप बनेगी, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सुझावों को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा।