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ABHA आधारित स्कैन एंड रजिस्टर सेवा ने पार किया 25 करोड़ OPD रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा, डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिली बड़ी मजबूती
भारत में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत संचालित ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सेवा ने 25 करोड़ OPD पंजीकरण का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अनुसार, यह उपलब्धि देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति नागरिकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

स्कैन एंड रजिस्टर सेवा, जिसे पहले ‘स्कैन एंड शेयर सेवा’ के नाम से जाना जाता था, अक्टूबर 2022 में शुरू की गई थी। इस सेवा ने अस्पतालों में OPD पंजीकरण की पारंपरिक प्रक्रिया को बदलते हुए मरीजों के लिए इसे अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया है। अब मरीज अस्पताल पहुंचकर वहां लगाए गए QR कोड को स्कैन करके कुछ ही समय में अपना OPD पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। इससे पंजीकरण काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिल रही है और अस्पतालों में मरीजों की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो रही है।
QR कोड स्कैन कर मिनटों में पूरा हो रहा OPD रजिस्ट्रेशन
स्कैन एंड रजिस्टर सेवा के तहत मरीज किसी भी ABDM सक्षम पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (PHR) एप्लीकेशन की मदद से अस्पताल में प्रदर्शित QR कोड को स्कैन करते हैं। मरीज की सहमति मिलने के बाद उसका ABHA प्रोफाइल सुरक्षित तरीके से अस्पताल के साथ साझा किया जाता है। इसके बाद बिना किसी कागजी फॉर्म या मैनुअल प्रक्रिया के OPD पंजीकरण पूरा हो जाता है। इस सुविधा से-
- मरीजों का समय बच रहा है।
- अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ कम हो रही है।
- मरीजों की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रह रही है।
- स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, 25 करोड़ लेनदेन का आंकड़ा यह साबित करता है कि देश में डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है।
36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 756 जिलों में उपलब्ध सेवा
स्कैन एंड रजिस्टर सेवा का विस्तार देशभर में तेजी से किया गया है। वर्तमान में यह सुविधा 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 756 जिलों में संचालित हो रही है। देश के कुल 30,800 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवा उपलब्ध है। इनमें शामिल हैं-
- 24,323 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान
- 6,481 निजी स्वास्थ्य संस्थान
इस विस्तार में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, अस्पताल प्रशासन और डिजिटल हेल्थ समाधान उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रोजाना 4 लाख मरीज उठा रहे डिजिटल सुविधा का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, हर दिन लगभग 4 लाख मरीज स्कैन एंड रजिस्टर सेवा का उपयोग करके OPD पंजीकरण करा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है। इनमें शामिल हैं-
- बुजुर्ग नागरिक
- गर्भवती महिलाएं
- लंबे समय से इलाज करा रहे मरीज
- नियमित जांच कराने वाले मरीज
डिजिटल रजिस्ट्रेशन से मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पंजीकरण के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
ABHA से जुड़ रहा देश का डिजिटल हेल्थ नेटवर्क
स्कैन एंड रजिस्टर सेवा केवल OPD पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का माध्यम भी बन रही है। ABHA यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। इससे मरीजों को भविष्य में इलाज के दौरान अपनी स्वास्थ्य जानकारी साझा करने में आसानी होती है। डिजिटल रिकॉर्ड की सुविधा से डॉक्टरों को भी मरीज के स्वास्थ्य इतिहास को समझने में मदद मिलती है।
बिहार डिजिटल OPD रजिस्ट्रेशन में सबसे आगे
देशभर में स्कैन एंड रजिस्टर सेवा के उपयोग के मामले में बिहार सबसे आगे है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन के अनुसार-
- बिहार में 7.30 करोड़ से अधिक डिजिटल OPD पंजीकरण हुए हैं।
- उत्तर प्रदेश में 4.09 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
- आंध्र प्रदेश में 3.38 करोड़ डिजिटल रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
- जम्मू-कश्मीर में 1.39 करोड़ से अधिक पंजीकरण किए गए हैं।
इन राज्यों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को तेजी से अपनाया गया है और ABDM आधारित सुविधाओं का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
AIIMS दिल्ली में सबसे ज्यादा डिजिटल OPD रजिस्ट्रेशन
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली ने सबसे अधिक डिजिटल OPD पंजीकरण दर्ज किए हैं। प्रमुख संस्थानों का प्रदर्शन-
- AIIMS नई दिल्ली — 54.29 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन
- AIIMS भोपाल — 29.10 लाख
- AIIMS भुवनेश्वर — 23.93 लाख
- AIIMS पटना — 19.62 लाख
- AIIMS रायपुर — 18.63 लाख
इन संस्थानों ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा बनाकर उदाहरण पेश किया है।
NHA CEO ने बताया डिजिटल हेल्थ क्रांति का महत्वपूर्ण पड़ाव
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि स्कैन एंड रजिस्टर सेवा के माध्यम से 25 करोड़ OPD पंजीकरण पूरे होना भारत के डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि OPD पंजीकरण जैसी सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रक्रिया को आसान बनाकर इस सेवा ने मरीजों की सुविधा बढ़ाई है और स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है जो सुरक्षित, आपस में जुड़ा हुआ और नागरिक केंद्रित हो।
AIIMS से लेकर जिला अस्पतालों तक पहुंची सुविधा
स्कैन एंड रजिस्टर सेवा अब देश के विभिन्न स्तरों के स्वास्थ्य संस्थानों में लागू हो चुकी है। इसमें शामिल हैं-
- AIIMS संस्थान
- केंद्रीय सरकारी अस्पताल
- राज्य मेडिकल कॉलेज
- जिला अस्पताल
- उपजिला अस्पताल
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- विशेष चिकित्सा संस्थान
- ट्रस्ट अस्पताल
- ESIC अस्पताल
- रेलवे अस्पताल
- निजी स्वास्थ्य संस्थान
इससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डिजिटल OPD सुविधा मिल रही है।
डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिलेगा और विस्तार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नागरिक केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार कर रहा है। 25 करोड़ स्कैन एंड रजिस्टर लेनदेन की उपलब्धि भारत के डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले समय में अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को ABDM से जोड़ने की योजना है, जिससे नागरिकों को-
- तेज OPD पंजीकरण,
- डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड,
- सुरक्षित स्वास्थ्य जानकारी साझा करने की सुविधा,
- बेहतर और आसान स्वास्थ्य सेवाएं
मिल सकेंगी।
स्कैन एंड रजिस्टर सेवा ने यह साबित किया है कि तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और मरीज केंद्रित बनाया जा सकता है। यह उपलब्धि भारत के डिजिटल हेल्थ मिशन को नई गति देने वाली मानी जा रही है।
