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रेल यात्रियों को सुरक्षित पेयजल, देशभर में संचालित हैं 19 रेल नीर प्लांट l

भारतीय रेलवे यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने के लिए देशभर में 19 रेल नीर (Rail Neer) प्लांट संचालित कर रहा है। इन संयंत्रों के माध्यम से प्रमुख ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। रेलवे के अनुसार, प्रत्येक रेल नीर प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है और नए संयंत्र स्थापित करने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी (IRCTC) को सौंपी गई है। एक नए प्लांट की स्थापना पर लगभग ₹10 करोड़ का खर्च आता है।

Kashish Rai07 अग. 2026, 05:31 PM IST
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रेल यात्रियों को सुरक्षित पेयजल, देशभर में संचालित हैं 19 रेल नीर प्लांट l

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में अपनी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देशभर में 19 रेल नीर (Rail Neer) प्लांट संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रमुख ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की पेयजल संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।


रेल मंत्रालय ने बताया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को भारतीय रेलवे नेटवर्क पर जरूरत और मांग के आधार पर रेल नीर प्लांट स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और विभिन्न क्षेत्रों में मांग को देखते हुए समय-समय पर नए संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई जाती है, ताकि हर प्रमुख रेलवे स्टेशन और लंबी दूरी की ट्रेनों तक सुरक्षित पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।


रेलवे के अनुसार, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एक रेल नीर प्लांट स्थापित करने की अनुमानित लागत लगभग ₹10 करोड़ है। इस लागत में प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) शेड का निर्माण, अत्याधुनिक मशीनरी की स्थापना और उत्पादन से जुड़ी अन्य सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, इसमें भूमि की लागत शामिल नहीं होती। प्रत्येक प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।


देशभर में संचालित 19 रेल नीर प्लांट विभिन्न राज्यों में स्थापित किए गए हैं। इनमें दिल्ली के नांगलोई, बिहार के दानापुर, महाराष्ट्र के अंबरनाथ, नागपुर और भुसावल, तमिलनाडु के पलूर, मध्य प्रदेश के मनेरी और मंडीदीप, उत्तर प्रदेश के अमेठी और हापुड़, हिमाचल प्रदेश के ऊना, असम के जागीरोड, पश्चिम बंगाल के सांकरेल, राजस्थान के कोटा, गुजरात के साणंद, ओडिशा के भुवनेश्वर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तथा आंध्र प्रदेश के सिम्हाद्री और विजयवाड़ा शामिल हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में रेलवे यात्रियों को रेल नीर की आपूर्ति की जा रही है।


रेल मंत्रालय का कहना है कि रेल नीर ब्रांड के माध्यम से यात्रियों को प्रमाणित और सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे निजी ब्रांडों पर निर्भरता कम होने के साथ गुणवत्ता और उपलब्धता भी सुनिश्चित होती है। प्रमुख ट्रेनों और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर की नियमित आपूर्ति के लिए विशेष वितरण व्यवस्था भी विकसित की गई है।


रेलवे लगातार बढ़ती यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेल नीर उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। जिन क्षेत्रों में मांग अधिक है, वहां नए प्लांट स्थापित करने और मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि आधुनिक उत्पादन इकाइयों और बेहतर वितरण व्यवस्था से यात्रियों को हर समय स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना संभव होगा।


लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल नीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। आने वाले समय में मांग के अनुरूप उत्पादन क्षमता और आपूर्ति नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।