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इलाज के बढ़ते खर्च से राहत की दिशा में सरकार के बड़े कदम, 12 करोड़ से अधिक परिवारों को ₹5 लाख तक स्वास्थ्य सुरक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले जेब से खर्च यानी आउट-ऑफ-पॉकेट एक्सपेंडिचर (OOPE) को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा और किफायती इलाज की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी भी परिवार को इलाज के खर्च का बोझ न उठाना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़ाने, मुफ्त दवाएं और जांच उपलब्ध कराने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) जैसी योजनाओं के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
12 करोड़ से अधिक परिवारों को ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12 करोड़ से अधिक परिवारों को हर साल प्रति परिवार ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत माध्यमिक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने की सुविधा मिलती है। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज में परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है। सरकार के अनुसार, यह योजना देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है। इसके अलावा कई राज्यों ने अपने स्तर पर इस योजना का विस्तार कर अतिरिक्त लाभार्थियों को भी इसमें शामिल किया है।
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज दिया जा रहा है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि यह सुविधा सामाजिक-आर्थिक स्थिति की बाध्यता के बिना उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य बुजुर्गों में बढ़ते इलाज खर्च को कम करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
देशभर में 1.87 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने देशभर में 1.87 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) शुरू किए हैं। इन केंद्रों पर लोगों को केवल बीमारी का इलाज ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य जांच, बचाव संबंधी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, संक्रामक और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्ध देखभाल, पुनर्वास और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को शुरुआती स्तर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाएं, जिससे गंभीर बीमारी और महंगे इलाज की नौबत कम हो।
मुफ्त दवा और जांच योजनाओं से कम हो रहा खर्च
सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के खर्च को कम करने के लिए नेशनल फ्री ड्रग्स सर्विस इनिशिएटिव और फ्री डायग्नोस्टिक्स सर्विस इनिशिएटिव लागू किए गए हैं।
इन योजनाओं के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सब-हेल्थ सेंटर स्तर पर 113 दवाएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 179 दवाएं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 301 दवाएं, उप-जिला अस्पतालों पर 318 दवाएं और जिला अस्पतालों पर 381 दवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे मरीजों को निजी बाजार से महंगी दवाएं खरीदने की जरूरत कम होती है और स्वास्थ्य खर्च घटता है।
सस्ती जेनेरिक दवाओं का विस्तार
सरकार प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के माध्यम से लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा कुछ अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में AMRIT (Affordable Medicines and Reliable Implants for Treatment) फार्मेसी स्टोर भी स्थापित किए गए हैं, जहां कम कीमत पर दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर
सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) जैसी योजनाओं पर भी काम कर रही है। इन योजनाओं के तहत अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने, स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण करने और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी संसाधन विकसित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सरकार की सभी पहलों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। बीमा कवरेज, मुफ्त दवा-जांच, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के माध्यम से सरकार स्वास्थ्य खर्च के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने की दिशा में काम कर रही है। इन पहलों से देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
